दैनिक भास्कर हिंदी: हाईकोर्ट : बेस्ट कर्मचारियों को एक समान बोनस देने का निर्देश

October 26th, 2019

डिजिटल डेस्क, मुंबई। बांबे हाईकोर्ट ने मुंबई महानगरपालिका के उपक्रम बेस्ट के कर्मचारियों को बोनस को लेकर बड़ी राहत प्रदान की है। हाईकोर्ट ने मनपा को सभी कर्मचारियों को एक जैसा बोनस देने का निर्देश दिया है। इससे पहले बेस्ट ने सामंजस्य करार पर हस्ताक्षर करने वाले 15 हजार  कर्मचारियों को बोनस देने का निर्णय किया था। बेस्ट के इस फैसले के खिलाफ कर्मचारियों के संगठन ने औद्योगिक न्यायालय में चुनौती दी थी। औद्योगिक न्यायालय ने कर्मचारियों के पक्ष में फैसला सुनाया था।  औद्योगिक न्यायालय के इस निर्णय को बेस्ट ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। अवकाशकालीन न्यायमूर्ति एनजे जमादार के सामने बेस्ट की याचिका पर सुनवाई हुई। इस दौरान कर्मचारियों की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता ने दावा किया कि मनपा के इस निर्णय के चलते कर्मचारियों पर अन्याय होगा। जबकि बेस्ट ने निचली अदालत के आदेश को खामीपूर्ण माना। और कहा कि बेस्ट आर्थिक संकट से जूझ रहा है। मामले से जुड़े दोनों पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने कर्मचारियों के पक्ष में फैसला सुनाते हुए औद्योगिक न्यायालय के आदेश को बरकरार रखा।  


सरकारी कर्मचारी की ड्यूटी में अवरोध पैदा करनेवाले को अग्रिम जमानत नहीं
 

इसके अलावा सरकारी कर्मचारी की ड्यूटी में अवरोध पैदा करने वाले आरोपी एक ट्रक मालिक को बांबे हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत देने से इंकार कर दिया है। हाईकोर्ट ने कहा कि आरोपी विजय केदार ने न सिर्फ सरकारी अधिकारी से अशिष्ट व्यवहार किया बल्कि उसके द्वारा पकड़े गए ट्रक को भी अपने ड्राइवर को ले जाने को कहा। क्योंकि ट्रक में अवैध खनन के बाद बालू भरी गई थी। यह बेहद गंभीर मामला है। सर्कल अधिकारी ने रेत से भरा एक ट्रक पकड़ा था। सरकारी अधिकारी ने जब ड्राइवर से ट्रक से जुड़े दस्तावेज मांगे तो उसने कहा कि गाड़ी से जुड़े सारे दस्तावेज ट्रक मालिक के पास हैं। कुछ समय बाद ट्रक मालिक केदार वहां पर पहुंच गए। और सर्कल अधिकारी से अशिष्ट बरताव करने लगे और अपने ड्राइवर को ट्रक ले जाने को कहा। इस घटना बाद सर्कल अधिकारी ने सोलापुर के संागोला पुलिस स्टेशन में ड्राइवर व केदारे के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। मामले में गिरफ्तारी की आशंका को देख केदारे ने हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत आवेदन दायर किया। 
 

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