दैनिक भास्कर हिंदी: पीटर मुखर्जी को जमानत नहीं, इलाज के लिए अस्पताल जाने की सहूलियत

May 8th, 2019

डिजिटल डेस्क, मुंबई। बांबे हाईकोर्ट ने शीना बोरा हत्याकांड मामले में आरोपी पूर्व मीडिया दिग्गज पीटर मुखर्जी को जमानत देने से इंकार कर दिया है। हालांकि अदालत ने मुखर्जी को इलाज के लिए पुलिस संरक्षण में मुंबई के एशियन हार्ट अस्पताल में ले जाने की इजाजत दे दी है। मुखर्जी ने तबीयत ठीक न होने के आधार पर हाईकोर्ट में जमानत आवेदन दायर किया था। बुधवार को अवकाशकालीन न्यायमूर्ति रियाज छागला के सामने मुखर्जी के जमानत आवेदन पर सुनवाई हुई। मेडिकल आधार पर दायर की गई जमानत आवेदन का सीबीआई के वकील ने न्यायमूर्ति के सामने कड़ा विरोध किया। 

पिछले दिनों दिल का दौरा पड़ने के चलते पीटर मुखर्जी की एसियन हार्ट अस्पताल में बायपास सर्जरी की गई थी। सर्जरी के बाद डाक्टरों की निगरानी में इलाज व फिजियोथेरिपी के लिए मुखर्जी ने कोर्ट से जमानत देने का आग्रह किया था। मामले से जुड़े दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायमूर्ति छागला ने मुखर्जी के जमानत आवेदन को खारिज कर दिया पर उन्हें पुलिस के दल के साथ 26 बार इलाज के लिए एसियन हार्ट अस्पताल में ले जाने की इजाजत दे दी। यह छठवीं बार है जब हाईकोर्ट ने पीटर की जमानत अर्जी को खारिज किया है। 

सुनवाई के दौरान मुखर्जी के वकील श्रीकांत शिवदे ने कहा कि यदि मेरे मुवक्किल को सर्जरी के बाद जरुरी इलाज नहीं मिला तो जेल में उनकी मौत हो जाएगी। वहीं सीबीआई के वकील ने कहा कि एसियन हार्ट अस्पताल ने मुखर्जी की तबीयत ठीक होने के बाद आरोपी मुखर्जी को अस्पताल से छुट्टी दी है। जहां तक बात और इलाज की है तो जरुरत पड़ने पर मुखर्जी को अस्पताल ले जाया जाएगा। इसके लिए जमानत देने की जरुरत नहीं है। इन दलीलों को सुनने के बाद न्यायमूर्ति ने मुखर्जी को जमानत देने से इंकार कर दिया। 
गौरतलब है कि मुखर्जी को शीना बोरा हत्याकांड मामले में साल 2015 में गिरफ्तार किया गया था। मुखर्जी तब से आर्थर रोड जेल में बंद है। 
 

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