हाईकोर्ट : एनआईए से मांगा जवाब, वाझे ने की थी घर में नजरबंदी की मांग

October 7th, 2021

डिजिटल डेस्क, मुंबई। बांबे हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को बर्खास्त पुलिस अधिकारी सचिन वाझे की घर में नजर बंद करने से जुड़ी मांग को लेकर हरफनामा दायर करने का निर्देश दिया है। उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर एंटिलिया के बाहर विस्फोटक लदी कार मिलने व कारोबारी मनसुख हिरेन की हत्या के मामले में आरोपी वाझे ने हाल ही में अपना हृदय संबंधी उपचार कराया है। उपचार के बाद उनकी सेहत में तेजी से सुधार हो सके। इसलिए वाझे ने कोर्ट में याचिका दायर कर जेल की बजाय खुद को घर में नजर कैद करने की मांग की है। याचिका में वाझे ने दावा किया है कि यदि मैं जेल में रहा तो वहां पर मैं संक्रमण का शिकार हो सकता हूं। जिससे मेरी सेहत बिगड़ सकती है। इसलिए मुझे घर में नजर बंद रहने की अनुमति दी जाए। याचिका में वाझे ने कहा है कि वह खुद को अपने घर के अलग कमरे में नजर बंद रखेंगे। जहां पूरी गोपनीयता बरती जाएगी और किसी को आने-जाने नहीं दिया जाएगा। 

इससे पहले वाझे ने बायपास सर्जरी के बाद एनआईए की विशेष अदालत से खुद को अपने घर में नजरबंद करने की मांग को लेकर आवेदन दायर किया था। जिसे एनआईए कोर्ट ने खारिज कर दिया है। इसलिए अब वाझे ने निचली अदालत के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। बुधवार को वाझे की याचिका न्यायमूर्ति नीतिन जामदार व न्यायमूर्ति सारंग कोतवाल की खंडपीठ के सामने सुनवाई के लिए आई। वाझे की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता सुदीप पासबोला ने कहा कि मेरे मुवक्किल की निजी अस्पताल से छुट्टी होने के बाद तलोजा जेल भेज दिया गया है। तलोजा जेल के अस्पताल की स्थिति ठीक नहीं है। इसलिए मेरे मुवक्किल को घर में नजरबंद रहने दिया जाए। क्योंकि जेल में उनकी सेहत बिगड़ सकती है। वाझे फिलहाल न्यायिक हिरासत में है। इन दलीलों को सुनने के बाद खंडपीठ ने एनआईए को एक सप्ताह के भीतर हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया।