प्रभारी मंत्री गोपाल भार्गव ने कहा- आज का दिन लोगों को स्वतंत्रता सेनानियों के बारे में सच बताने का दिन: टंट्या भील की शहीद स्थली पर मंत्रोच्चार से एकत्रित की पवित्र मिट्टी, भेजी खण्डवा

November 25th, 2021

डिजिटल डेस्क जबलपुर। अमर शहीद टंट्या भील की शहीद स्थली नेताजी सुभाषचन्द्र बोस केन्द्रीय जेल से गुरुवार को पवित्र मिट्टी के कलश को खण्डवा ले जाने का कार्यक्रम प्रभारी मंत्री एवं जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में आयोजित िकया गया। मंत्रोच्चार के बीच विधि-विधान से कलश में मिट्टी संग्रह का अनुष्ठान किया गया। इस दौरान प्रभारी मंत्री गोपाल भार्गव ने कहा कि आज का दिन लोगों को स्वतंत्रता सेनानियों के बारे में सच बताने का दिन है। इतिहास में बहुत से ऐसे गुमनाम शहीद हैं जो भारत की स्वतंत्रता के लिये अपनी जान को न्यौछावर किया लेकिन इतिहास में उन्हें स्थान नहीं मिल पाया। जबलपुर आजादी की लड़ाई में एक रणभूमि रही है। मुगलों और अंग्रेजों से स्वतंत्रता के लिये लड़ते हुये यहाँ कई वीरों ने अपने प्राण गँवाये। स्वतंत्रता की लड़ाई के सिलसिले में केन्द्रीय जेल जबलपुर स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के इतिहास से जुड़ा है। इतिहास ही देश का भविष्य बनाता है अत: देश के भविष्य के लिये इतिहास जानना आवश्यक है।
टंट्या भील से अंग्रेज भी भयभीत होते थे -
सांसद राकेश सिंह ने कहा कि टंट्या भील एक महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे जिनके नाम से अंग्रेज भी भयभीत होते थे। उन्हें पकडऩे के लिये इंग्लैड से फौज बुलाई गई थी। टंट्या भील स्वतंत्रता की लड़ाई में शहीद हो गये पर कभी सिर नहीं झुकाया। हमें उन पर गर्व है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में स्वतंत्रता संग्राम के अमर शहीदों की पहचान सुनिश्चित कर उनका सम्मान किया जा रहा है।
ये थे मंचासीन -
इतिहासकार आनंद राणा ने टंट्या भील के जीवन पर संक्षिप्त प्रकाश डाला। इस दौरान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी कोमलचंद्र जैन, विधायक अजय विश्नोई, सुशील तिवारी इंदू, अशोक रोहाणी, नंदिनी मरावी, पूर्व मंत्री शरद जैन, रानू तिवारी सहित कलेक्टर कर्मवीर शर्मा, पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ बहुगुणा आदि उपस्थित रहे।

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