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हुसैन का दावा : शिवसेना का दबाव नहीं, भाजपा ने ही काटा सोमैया का टिकट

हुसैन का दावा : शिवसेना का दबाव नहीं, भाजपा ने ही काटा सोमैया का टिकट

डिजिटल डेस्क, मुंबई। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने दावा किया है कि उत्तर-पूर्व लोकसभा सीट से सांसद किरीट सोमैया का टिकट काटने का फैसला पार्टी का ही है। उन्होंने शिवसेना के दबाव में सोमैया का टिकट काटे जाने के दावे को खारिज कर दिया। गुरुवार को भाजपा के प्रदेश कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत में शाहनवाज ने कहा कि सोमैया का टिकट काटने का फैसला पार्टी का है। वे इसको स्वीकार कर पार्टी के उम्मीदवार के प्रचार में लग गए हैं। शाहनवाज ने कहा कि कहा कि मैं बड़ी जिम्मेदारी के साथ कह रहा हूं कि भाजपा खुद उम्मीदवार तय करती है। भाजपा के सहयोगी दल न तो मर्यादा तोड़कर यह कहते हैं कि टिकट किसको देना चाहिए और न ही भाजपा सहयोगियों के टिकट बंटवारे में दखल देती है। दूसरी ओर शिवसेना ने सोमैया का टिकट काटे जाने के मामले से किनारा कर लिया है। शिवसेना सांसद संजय राऊत ने कहा कि मुझे नहीं लगता है कि हमारे कारण सोमैया का टिकट काटा गया है। यह भाजपा का फैसला है। उत्तर-पूर्व सीट पर जिसे भी उम्मीदवारी दी गई है, उसको चुनाव जीताने का काम शिवसेना करेगी। दूसरी ओर उत्तर-पूर्व सीट से राष्ट्रवादी कांग्रेस के उम्मीदवार संजय दिना पाटील ने कहा कि भाजपा ने हार के डर से उम्मीदवार बदल दिया है। भाजपा को कोई उम्मीदवार नहीं मिल रहा था। इसलिए देरी से प्रत्याशी के नाम की घोषणा की गई। 

उद्धव से मिले कोटक 

उत्तर-पूर्व सीट से भाजपा उम्मीदवार मनोज कोटक ने टिकट मिलने के बाद शिवसेना पक्ष प्रमुख उद्धव ठाकरे से मातोश्री में मुलाकात की। इस मौके पर भाजपा नेता व प्रदेश के गृहनिर्माण मंत्री प्रकाश मेहता भी मौजूद थे। उद्धव ने कहा कि मैं कोटक के प्रचार के लिए अवश्य जाऊंगा पर मुझे नहीं लगता है कि मुझे उस सीट पर प्रचार की जरूरत पड़ेगी। 

अल्पसंख्यक बहुल सीट होने के कारण राहुल ने वायनाड को चुना- शाहनवाज

भाजपा नेता शाहनवाज ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के दो सीटों पर चुनाव लड़ने को लेकर निशाना साधा है। शाहनवाज ने कहा कि केरल की वायनाड सीट अल्पसंख्यक बहुल है इसलिए उन्होंने वायनाड सीट को चुना है। मेरा सवाल राहुल से है कि क्या उन्हें देश के बहुसंख्यक समाज पर यकीन नहीं है। शाहनवाज ने कहा कि यदि राहुल ने अमेठी में काम किया है तो उन्हें अमेठी से डर क्यों लग रहा है। यदि अमेठी के लिए उन्हें स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हैं तो देश के लोग उन्हें कैसे स्वीकार करेंगे। शाहनवाज ने कहा कि राहुल अमेठी सीट पर हार के डर से वायनाड गए हैं। राहुल की अमेठी से हार तय है। 

नागपुर में तीन सभाएं करेंगे शाहनवाज 

भाजपा नेता शाहनवाज नागपुर में 5 अप्रैल को तीन सभाएं करेंगे। इसके बाद 6 अप्रैल को पुणे में सभा के लिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि मैं केरल की वायनाड सीट पर भी चुनाव प्रचार के लिए जाऊंगा। 

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।