दैनिक भास्कर हिंदी: सड़क पर आया घायल अजगर, लोगो ने छेड़छाड़ की तो निकाल दिये अंडे

November 19th, 2019

डिजिटल डेस्क, नागपुर। सोमवार की रात को नेशनल हाइवे क्रमांक 6 पर एक 8 फीट का लंबा अजगर लोगों की भीड़ का कारण बन गया ।  कुछ लोग डंडे से उसे मारने की कोशिश की लेकिन इस बीच पशुप्रेमी वहां पहुंचने से अजगर की जान बच गई। अज्ञात वाहन की चपेट में आने से वह जख्मी हो गया था। हालांकि लोगों ने डंडों से उसे हटाने का इतनी बार प्रयास किया कि, उसने पेट से कुछ अंडे बाहर निकाल लिये थे। पशुप्रेमी अंकित रतन ने बताया वह मादा अजगर थी। प्रेंगनेट रहने के कारण उसने अंडों को बाहर निकाला था। हालांकि इसके बाद उसे झाड़ियों की ओर ढकेल कर सही तरीके से छोड़ा गया।  

जानकारी के अनुसार जबलपुर हायवे नागपुर के इंदौरा चौक से कन्हान तक काफी जंगल क्षेत्र हैं। जहां वन्यजीव रहने की बात से इंकार नहीं किया जा सकता । आये दिन यहां खरगोश से लेकर हिरण तक सड़क पार करते रात के वक्त या सुबह पौ फटते ही देखा जा सकता है। सड़क पार करते हुए सांप दिखना तो आम बात है। सोमवार की रात को ऐसे ही एक 8 फीट लंबा इंडियन रॉक पाइथन कन्हान के पास सड़क पार कर रहा था। किसी अज्ञात वाहन की चपेट में आने से वह थोड़ा जख्मी हो गया था।

प्रेग्नेंट रहने के  अधमरी अवस्था में काफी देर तक सड़क पर ही था। यहां से आने-जानेवालों में किसी की नजर इस पर पड़ी। जिसके बाद एक के बाद एक यहां तमानबीनों की भीड़ लग गई थी। हालांकि कुछ अंधश्रध्दा रखनेवाले लोग इसे मारने के लिए भी तैयार थे। वहीं कुछ इसे डंडे से इधर-उधर कर रहे थे। पेट में अंडे रहने से मादा अजगर ने अंडे बाहर निकाल दिये। इससे पहले की लोग इसे मारते पशुप्रेमी अंकित रतन यहां से जा रहे थे लोगों की भीड़ देख वह रूके। पाइथन को देख उन्होंने लोगों को इसे नहीं मारने को कहा। साथ ही खुद डंडे की मदद से इसे रेस्क्यू कर झाड़ियों में छोड़ दिया। उन्होंने बताया कि, पाइथन पूरी तरह से ठीक अवस्था में झाड़ियों में ओझल हुई थी।

अचानक आ जाते हैं, सामने  
उपरोक्त मार्ग जबलपुर हायवे है। नागपुर से कन्हान, कामठी, रामटेक, जबलपुर आदि जाने के लिए लोग इसी मार्ग का इस्तेमाल करते हैं। नेशनल मार्ग होने से बड़े वाहनों का यहां सैकड़ों की तादाद में आना-जाना लगा रहता है। नागपुर से कामठी तक कुछ-कुछ दूरी पर घर बने हैं। लेकिन कामठी से कन्हान के बीच 5 किमी तक सड़क के दोनों तरफ जंगली इलाका है। ऐसे में यहां वन्यजीव रहने की बात से इंकार नहीं किया जा सकता है। रात के अंधेरों में या सुबह यह वन्यजीव कई बार रास्ता क्रास करते हुए हादसों का शिकार हुए हैं। वहीं कई बार इनकी वजह से हादसे भी हुए हैं।