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विडंबना: लगातार नोटिस देने के बाद भी पानी का नहीं चुका रहे 12 करोड़

विडंबना: लगातार नोटिस देने के बाद भी पानी का नहीं चुका रहे 12 करोड़


डिजिटल डेस्क छिंदवाड़ा। शहर के पुराने वार्डों में जल सप्लाई के लिए नगर निगम कन्हरगांव डेम से पानी लेता है, लेकिन 20 सालों से लगातार जल सप्लाई का भुगतान नहीं करने के कारण निगम पर 12 करोड़ रुपए का बकाया हो गया है। सालाना भुगतान नहीं करने पर नगर निगम को पिछले दिनों नोटिस भी जारी किया गया है। जिसमें पानी का बकाया अदा करने की बात कही गई है।
1986 से पहले नगर पालिका और अब नगर निगम कन्हरगांव डेम से पानी ले रहा है। शहर में पीने के पानी की जल सप्लाई के एवज में नगर निगम को जलसंसाधन विभाग को बकाया पैसा पटाना पड़ता है, लेकिन हर साल बकाया की राशि बच जाने के कारण नगर निगम पर अब 12 करोड़ 89 हजार रुपए का अधिभार हो गया है। पिछले दिनों जलसंसाधन विभाग के अधिकारियों ने नगर निगम को नोटिस जारी करते हुए इस मामले मेें बकाया राशि का भुगताने करने के भी निर्देश दिए हैं। इधर निगम अफसरों का कहना है कि हर साल बकाया राशि में से कुछ रकम बराबर जल संसाधन विभाग को दी जा रही है।
58 पैसे का एक हजार लीटर पानी
जल संसाधन विभाग प्रति एक हजार लीटर पानी देने के एवज में नगर निगम से 58 पैसे लेता है। पहले ये राशि 40 पैसे प्रति हजार लीटर हुआ करती थी, लेकिन बाद में शासन स्तर पर हुई बैठकों के बाद ये राशि बढ़ाकर 58 पैसे प्रति एक हजार लीटर कर दी गई थी।
नगर पालिका से चल रहा बकाया
नगर पालिका के समय से बकाया राशि निगम पर चल रही है। 1986 में कन्हरगांव डेम जब पीएचई के अधीन हुआ करता था। तब छिंदवाड़ा नगर में सप्लाई शुरू हुई थी, बाद में जल संसाधन विभाग के अधीन कन्हरगांव डेम आ गया। वहीं 2014 से छिंदवाड़ा नगर पालिका को नगर निगम घोषित कर दिया गया है, लेकिन कन्हरगांव डेम की बकाया राशि नहीं पटाई गई।
लगातार आ रहे रिमाइंडर, लेकिन निगम की हालत खस्ता
बताया जा रहा है कि बकाया राशि को लेकर शासन स्तर से भी नगर निगम को लगातार रिमाइंडर भेजे जा रहे हैं, लेकिन निगम की माली हालत ऐसी नहीं है कि वे इतनी बड़ी राशि का भुगतान कर सकें। चुंगीकर में कटौती के बाद निगम पहले से ही आर्थिक संकट से जूझ रहा है। कर्मचारियों को वेतन भुगतान कर पाने में  निगम अफसरों को पसीना छूटने लगा है।
हर रोज 27 एमएलडी पानी लेता है निगम
पुराने वार्ड में पानी सप्लाई के लिए नगर निगम हर दिन कन्हरगांव डेम से 27 एमएलडी पानी लेता है। इतना पानी सिर्फ शहर के 24 वार्डों में सप्लाई होता है। बाकी 24 वार्डों में शुद्ध पेयजल सप्लाई फरवरी से शुरू होगी। माचागोरा डेम का पानी इन वार्डों में सप्लाई किया जाएगा। जिसका वाटर फिल्टर प्लांट निगम द्वारा धरमटेकड़ी पर बनाया गया है।
इनका कहना है...
॥पिछले साल ही जलसंसाधन विभाग को 10 लाख की राशि निगम द्वारा दी गई थी। इस बार कोशिश है कि कुछ राशि पटाई जाए। इसके अलावा कई बार शासन स्तर से भी राशि का समायोजन कर दिया जाता है।
-हिमांशु सिंह
आयुक्त, नगर निगम

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

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कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।