दैनिक भास्कर हिंदी: विधान परिषद प्रश्नोत्तर : नागपुर में लीज पर ली गई जमीनों का दूसरे कार्यों के लिए हो रहा इस्तेमाल

March 9th, 2021

डिजिटल डेस्क, मुंबई। नागपुर में 12 सामाजिक संस्थाओं ने लीज (किराए) पर ली गई नजूल की जमीन का दूसरे कामों के लिए इस्तेमाल कर रही हैं। प्रदेश के राजस्व मंत्री बालासाहब थोरात ने विधान परिषद में यह जानकारी दी। थोरात ने कहा कि लीज पर नजूल की जमीन लेने वाली 113 सामाजिक संस्थाओं की जांच की गई थी। इसमें से 12 सामाजिक संस्थाएं ने लीज के नियमों का उल्लंघन किया है। इसमें विदर्भ क्रिकेट एसोसिएशन, महाराज बाग समेत कई महत्वपूर्ण संस्थाओं का समावेश है। संस्थाओं ने जिस उद्देश्य से जमीन लिया है, उसके बजाय दूसरे कामों के लिए उपयोग किया जा रहा है। थोरात ने कहा कि इस मामले में जनहित याचिका दायर है। अदालत ने नागपुर के कस्तुरचंद पार्क के मामले के आधार पर कुछ निर्देश दिए थे। इसके अनुसार अदालत की ओर से गठित समिति ने 26 अक्टूबर 2020 को जिलाधिकारी को जांच रिपोर्ट सौंपा। इसके आधार पर नागपुर जिलाधिकारी ने संबंधित संस्थाओं को नोटिस भेजकर जानकारी मांगी है। संबंधित संस्थाओं की जमीन के इस्तेमाल के बारे में जांच करके नियमों के अनुसार कार्यवाही की जा रही है। प्रश्नकाल में भाजपा सदस्य प्रवीण दटके ने इस संबंध में सवाल पूछा था। दटके ने कहा कि सरकार ने एक रुपए किराए पर कई सामाजिक संस्थाओं को सरकारी जमीन दिया है लेकिन सामाजिक संस्थाएं सरकारी जमीन का मंगल कार्यालय, होटल और पार्किंग के लिए उपयोग कर रही हैं। 

कुल जमीन बेचने में मामले में औरंगाबाद के तहसीलदार के खिलाफ होगी कार्रवाई 

कुल जमीन बेचने की अनुमति देने में नियमों का उल्लंघन कर प्रदेश सरकार का तीन करोड़ रुपए का राजस्व डूबाने वाले औरंगाबाद ग्रामीण के तत्कालीन तहसीलदार के खिलाफ एक महीने में नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। विधान परिषद में प्रदेश के राजस्व मंत्री बालासाहब थोरात ने यह आश्वासन दिया। थोरात ने कहा कि इस मामले में औरंगाबाद के जिलाधिकारी ने 9 अक्टूबर 2019 को तत्कालीन तहसीलदार को कारण बताओ नोटिस जारी किया था लेकिन उन्होंने संतोषजनक जवाब नहीं दिया। इस कारण विभागीय आयुक्त के माध्यम से जांच शुरू है। प्रश्नकाल के दौरान सदन में शिवसेना सदस्य अंबादास दानवे ने इस संबंध में सवाल पूछा था। इसके जवाब में प्रदेश के राजस्व राज्य मंत्री अब्दुल सत्तार ने कहा कि इस मामले की जांच विभागीय आयुक्त कर रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद तत्कालीन तहसीलदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस पर राकांपा सदस्य सतीश चव्हाण ने कहा कि सरकार ने माना है कि तीन करोड़ रुपए का राजस्व डूब गया है। तत्कालीन तहसीलदार ने अपनी गलती को स्वीकार कर ली तो दो साल से जांच किस बात की चल रही है। उनके खिलाफ सीधे कार्रवाई होनी चाहिए। इस पर थोरात ने कहा कि संबंधित तहसीलदार के खिलाफ महीने भर में कार्रवाई की जाएगी।  

वर्धा के किसानों को 15 दिनों में मिल  जाएगी कुआं अनुदान राशि

वर्धा में किसानों को सिंचाई कुआं योजनाओं का अनुदान अगले 15 दिन में वितरित कर दिया जाएगा। विधान परिषद में प्रदेश के रोजगार गारंटी मंत्री संदीपान भुमरे ने यह आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि वर्धा से 9 करोड़ रुपए 93 लाख रुपए अनुदान की मांग आई है। इसमें आर्वी तहसील के 4 करोड़ 58 लाख रुपए की मांग का समावेश है। प्रश्नकाल में भाजपा सदस्य रामदास आंबटकर ने इस संबंध में सवाल पूछा था। आंबटकर ने कहा कि अनुदान मंजूरी में एक साल देरी करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। इस पर भुमरे ने कहा कि कोरोना संकट के कारण अनुदान वितरित नहीं किया जा सका था लेकिन अब अनुदान उपलब्ध करा दिया जाएगा। 

पुलिस के 5 हजार पदों के लिए 11 लाख 97 हजार आवेदन 

प्रदेश में साल 2019 में रिक्त पुलिस कांस्टेबल के 5 हजार 297 पदों के लिए 11 लाख 97 हजार 415 आवेदन प्राप्त हुए हैं। विधान परिषद में प्रदेश के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने एक सवाल के लिखित जवाब में यह जानकारी दी। देशमुख ने बताया कि साल 2019 में पुलिस कांस्टेबल के रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया दो चरणों में पूरी की जा रही है। पहले चरण में 3 हजार 450 पदों के लिए 8 लाख 81 हजार 156 आवेदन मिले हैं जबकि दूसरे चरण में 1 हजार 847 पदों के लिए 3 लाख 16 हजार 259 आवेदन प्राप्त हुए हैं। देशमुख ने कहा कि पुलिस कांस्टेबल की भर्ती प्रक्रिया ऑफलाइन पद्धति से पूरी की जाएगी। भाजपा सदस्य रणजीत पाटील ने इस संबंध में सवाल पूछा था। 

 

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