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विदर्भ में भारी वर्षा से जनजीवन प्रभावित, गड़चिरोली में बाढ़ की स्थिति बरकरार

विदर्भ में भारी वर्षा से जनजीवन प्रभावित, गड़चिरोली में बाढ़ की स्थिति बरकरार

डिजिटल डेस्क, नागपुर। विदर्भ के अधिकांश जिलों में बुधवार रात और गुरुवार को हुई जोरदार बारिश के कारण जनजीवन खासा प्रभावित हुआ। गड़चिरोली जिले की भामरागड़ तहसील में स्थित पर्लकोटा नदी गुरुवार को भी उफान पर होने से सौ से अधिक गांवों का संपर्क कटा रहा। तीन लोगों की बहने से जबकि दो लोगों की बिजली गिरने और पेड़ के नीचे दबने से मौत हो गई। 

अमरावती में झमाझम  बारिश के कारण अधिकांश जलाशय लबालब हो चुके हैं। गुरुवार को नांदगांव खंडेश्वर के नांदसावंगी, वडाला से बहनेवाली चांदी नदी पर बनाया चांदी बांध ओवर फ्लो हो गया। यवतमाल जिले में गत तीन-चार दिनों से थम-थमकर हो रही वर्षा के कारण इसापुर बांध 73 फीसदी भर चुका है। इस बांध से छोड़े जा रहे पानी के कारण पैनगंगा नदी उफान पर है और पानी खतरे के निशान के समीप तक पहुंच गया है।

धानोड़ा पुल के ऊपर तक पानी आने की आशंका पैदा हो गई है, जिससे कभी भी विदर्भ और मराठवाड़ा का संपर्क टूट सकता है। जिले की पुसद, नेर और उमरखेड़ तहसील में सर्वाधिक वर्षा दर्ज की गई है। नदी किनारे बसे अनेक शहरों में बाढ़ की आशंका पैदा हो गई है। साथ ही गाजेगांव पुल के ऊपर से पानी बहने के कारण हिमायतनगर, पलसपुर, डोलारी, ढाणकी का यातायत ठप हो गया है।  इसके अलावा पैनगंगा नदी में तैरने के लिए उतरा महागांव तहसील अंतर्गत ग्राम धानोडा निवासी शंकर वसंता आणे (28) तेज बहाव के साथ बह गया। 

साथ ही उमरखेड़ तहसील के बिटरगंाव थाने में कार्यरत पुलिस सिपाही निलेश बन कार्यालयीन कामकाज के लिए यवतमाल आते समय निंगनुर नाले में दोपहिया समेत गिर पड़ा और डूबने से उसकी मृत्यु हो गई। गुरुवार दोपहर 12 बजे यह हादसा हुआ। चंद्रपुर में गुरुवार को भी रिमझिम फुहारों का दौर जारी रहा। गड़चिरोली जिले की भामरागड़ तहसील की पर्लकोटा नदी में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। अभी भी 100 से अधिक गांवों का संपर्क टूटा हुआ है। इनमें कई दुर्गम क्षेत्र के गांव हैं। भामरागड शहर में भी दूसरी बार बाढ़ का पानी घुस आया है। भामरागड़-आलापल्ली मार्ग गुरुवार को भी बाढ़ के कारण नहीं खुल पाया। उधर सिरोंचा तहसील के सोमनपल्ली, कोरेतोगु, अमराजी और डिमिली आदि नालों में आयी बाढ़ से अनेक मार्ग बंद पड़े हैं जिससे दर्जनों गांवों का संपर्क टूटा हुआ है।

जिले की अहेरी तहसील अंतर्गत ग्राम अर्कापल्ली निवासी किसान नरेश सडमेक (38) की नाले में आयी बाढ़ में बहने से मृत्यु हो गई। गौरतलब है कि इस नाले पर पुल न होने के कारण क्षेत्र के नागरिक जान हथेली पर रखकर नाले से आवागमन करते हैं। नरेश भी खेत से घर लौटने के लिए नाला पार करते समय बह गया। भंडारा जिले में गुरुवार को दिनभर रुक-रुककर बारिश का दौर जारी रहा। जिले की छह तहसीलों में भारी वर्षा जबकि अन्य तहसीलों में हल्की वर्षा होने की खबर मिली है। भारी वर्षा के कारण वैनगंगा नदी का जलस्तर बढऩे से बुधवार की तरह गुरुवार को भी गोसीखुर्द बांध के 19 गेट आधे मीटर तक खोलकर 2108 क्यूमेक्स पानी छोड़ा गया।

गोंदिया में भी बुधवार रात से झमाझम बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया। इस बीच दो लोग प्राकृतिक आपका के शिकार हो गए। जिले के रावणवाड़ी थानांतर्गत क्षेत्र के ग्राम काटी में बाजार चौक स्थित पेड़ धराशायी हो जाने से उसके नीचे खड़े मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले के देवगांव निवासी  मणिराम सतराम बोडुंदे (50) की मौत हो गई। दूसरी घटना देवरी तहसील अंतर्गत चिचगढ़ थानांतर्गत क्षेत्र में हुई। बुधवार शाम बिजली गिरने से बुरी तरह झुलसे केशोरी निवासी मनोहर यशवंतराव जामकाटे (28) की मौत हो गई। 

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