दैनिक भास्कर हिंदी: लॉकडाउन : सड़क पर घूमने वालों के पास बहाने हजार, अब सख्ती के मूड में है पुलिस

April 19th, 2020

डिजिटल डेस्क, नागपुर। पुलिस की नाकाबंदी शुरू है। पुलिस अधिकारी- कर्मचारी कोरोना संक्रमण को देखते हुए सड़कों, गली और मोहल्लों में भीड़ कम करने की जुगत भिड़ा रहे हैं, ताकि इस पर जल्द काबू पाया जा सके, लेकिन लोग कुछ समझने को तैयार नहीं है। पुलिस ने गिट्‌टीखदान, अंबाझरी, सदर, सीताबर्डी क्षेत्र में नाकाबंदी के दौरान कुछ ऐसे वाहन चालकों को रोका, जिसमें कोई कार से सिगरेट का पैकेट लाने गया था, तो कोई अपनी बहन को छोड़ने जा रहा था, तो कोई बूढे मां बाप की दवा की एक पर्ची लेकर घूम रहा था। कुछ लोग तो ऐसे भी मिले जो, थैली में सब्जी लेकर घूमने निकल पड़े, ऐसे में जब कोई सचमुच जरुरतमंद पुलिस की नाका बंदी कार्रवाई में फंस जाता है, तो उसके लिए मुसीबत पैदा हो जाती है। सड़क पर लोग बेवजह घूम रहे हैं। अब पुलिस ने बेवजह घूमते मिलनेवालों को रोकने के बाद उन्हें सोशल डिस्टेंसिंग के अंतर्गत रोकेगी। उसके बाद एक – एक कर कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में किसी ने जल्दबाजी की, तो उसे उसके वाहन के साथ सीधे संबंधित थाने में भेज दिया जाएगा। क्षेत्र की पुलिस उपायुक्त विनीता साहू ने फ्लैगमार्च कर बार- बार हिदायत दे चुकी हैं, लेकिन नागरिक घूमने से बाज नहीं आ रहे हैं। पुलिस अब कड़ी कार्रवाई करने का मूड बना चुकी है। सड़कों पर बेवजह घूमनेवालों के पास बहानेबाजी के सैकड़ों उदाहरण मौजूद रहते हैं।

प्रकरण 1- एक युवक अपनी कार में चार दोस्तों के साथ घूमने निकला। पुलिस ने उसे रुकने का इशारा किया तो वह कार की गति तेज कर दी। इस युवक का नाकाबंदी में तैनात पुलिस के कुछ जवानों ने करीब दो किलोमीटर तक पीछा करने के बाद सीताबर्डी उडानपुल के पास कार रोक पाने में कामयाब हुए। कार में सवार युवकों से पूछने पर पता चला कि वह सिगरेट का पैकेट खरीदने के लिए गए थे। पुलिस ने पास की दुकान से सिगरेट खरीदने की बात की तो बातें बनाने लगे। वह कहने लगे कि यहां की दुकान में नहीं मिल रहा था इसलिए सदर में खरीदने गए थे। जब पुलिस ने उससे पूछा कि तीन दोस्तों को साथ में लेकर घूमने की क्या जरुरत थी तब उस युवक की घिग्घी बंध गई। अंत में पुलिस उपायुक्त साहू के आदेश पर इस कार चालक युवक के खिलाफ सीताबर्डी थाने में लॉकडाउन के अंतर्गत कार्रवाई की गई।  

प्रकरण 2 – एक युवक को जब पुलिस ने सदर इलाके में बाइक पर घूमते हुए रोका तो वह कहने लगा कि लॉकडाउन के कारण घर में रहते हुए परेशान हो गया था। इसलिए वह अपने दोस्त से मिलने गया था। इस युवक की तरह एक अन्य युवक को जब पुलिस ने रोका तो उसने कहा कि वह अपनी बहन को छोडने गया था तब पुलिस ने उसे बहन से बात कराने के लिए कहा तो उसका झूठ पकड़ा गया। वह सडक पर उठक बैठक कर पुलिस से माफी मांगा। उसने पुलिस को बताया कि वह झूठ बोल रहा था। घर में रहकर परेशान हो गया था इसलिए घर से घूमने निकल गया था।

प्रकरण 3 : एक वाहन पर तिबल सीट घूमने निकले युवकों को रामनगर परिसर में पुलिस ने रोका तो वह पुलिस से उलझ गए। पुलिस ने जब उनसे कहा कि तुमको लॉकडाउन के बारे में पता नहीं है तो वह कहने लगे। दवा खरीदने दुकान जा रहे थे। पुलिस ने उनसे दवा की पर्ची दिखाने के लिए कहा तो उनका झूठ पकडा गया। पुलिस ने जब उनसे कहा कि ठीक है दवा लाने के लिए तीन लोगों का एक ही बाइक पर जाना जरुरी है तो कहने लगे कि इस बार माफ कर दो अगली बार ऐसी गलती नहीं होगी। इस युवक की तरह पुलिस ने दर्जनों वाहन चालकों को रोका तो उनके पास ऐसे ही कई बहाने मौजूद थे। पुलिस भी थक चुकी है। रोजाना 14 घंटे तक काम करते रहना किसी भी इंसान के लिए मुश्किल काम है। फिर भी पुलिस लॉकडाउन जब से शुरू हुआ है। यह कार्य कर रही है।

पुलिस को शौक नहीं है

उपायुक्त, पुलिस परिमंडल 2 विनीता साहू के मुताबिक पुलिस को शौंक नहीं है कि किसी को राह पर घूमने से रोके। लोगों को भी समझना होगा। लॉकडाउन का मतलब लॉकअप नहीं है। जब केंद्र और राज्य की सरकार कह रही है कि घर में रहें खुद भी सुरक्षित रहें और परिवार को भी सुरक्षित रखें , फिर भी सडक पर घूमनेवाले लोग इसे गंभीरता से क्यों नहीं ले रहे हैं। अब पुलिस ने अपनी भूमिका गंभीर कर दी है। अब बेवजह वाहन लेकर घूमते मिलने पर कतारबद्ध लाइन में सडक पर खडा होना पडेगा। उसके बाद नंबर आने पर चालान दिया जाएगा।

 

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