दैनिक भास्कर हिंदी: प्रदीप शर्मा के सामने बैठा कर माने से होगी पूछताछ, फिर हिरासत में बर्खास्त पुलिस अधिकारी

June 21st, 2021

डिजिटल डेस्क, मुंबई। एंटीलिया के बाहर विस्फोटक भरी कार खड़ी करने और कारोबारी मनसुख हिरेन की हत्या के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी को एक बार फिर बर्खास्त पुलिस अधिकारी सुनील माने की हिरासत मिल गई है। अब तक माने न्यायिक हिरासत में था। मामले में हाल ही में गिरफ्तार प्रदीप शर्मा और दूसरे आरोपियों को आमने-सामने बिठाकर पूछताछ करने के लिए एनआईए ने माने को हिरासत में लिया है। सोमवार को माने और मामले में कुछ दिनों पहले गिरफ्तार किए गए संतोष शेलार और आनंद जाधव को फिर से एनआईए कोर्ट में पेश किया गया, जहां से तीनों आरोपियों को 25 जून तक जांच एजेंसी की हिरासत में भेज दिया गया। पेशी के दौरान एनआईए ने दावा किया कि हत्या से पहले शेलार और जाधव ने मनसुख का हाथ पकड़कर रखा था। इस मामले में दोनों और जानकारी हासिल करने के लिए आरोपियों की हिरासत 10 दिन बढ़ाई जाए। इसके अलावा मामले में कुछ फरार आरोपियों के बारे में आरोपियों से जानकारी हासिल की जानी है। इसके अलावा प्रदीप शर्मा ने रोजाना अपने वकील से मिलने की इजाजत मांगी थी जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया और दोपहर 12 बजे से 20 मिनट तक वकील से बातचीत की इजाजत दे दी। 

शर्मा और दूसरे आरोपियों के डीएनए नमूनों की जांच

मनसुख हिरेन की हत्या से जुड़े सबूत और पुख्ता करने के लिए एनआईए ने मामले में गिरफ्तार पूर्व पुलिस अधिकारी प्रदीप शर्मा समेत पांच आरोपियों के डीएनए नमूने लिए हैं। शर्मा के अलावा सतीश मोथकुरी, मनीष सोनी, संतोष शेलार और आनंद जाधव के डीएनए के नमूने लिए गए हैं। आरोपियों के डीएनए का उस टवेरा गाड़ी से मिले डीएनए के नमूनों से मिलान किया जाएगा जिसमें हिरन की हत्या का शक है। जांच एजेंसी पहले ही गाड़ी से हिरेन के डीएनए के नमूने हासिल कर चुकी है। इसके अलावा शर्मा से जब्त किए गए दो मोबाइल के डेटा भी जांच एजेंसी हासिल करने की कोशिश कर रही है। जांच एजेंसी को शक है कि शर्मा ने हिरन की हत्या की साजिश रचने के लिए आरोपियों के साथ दो बार बैठक की इसमें से एक मुलाकात मुंबई पुलिस के मुख्यालय में और दूसरी शर्मा के अंधेरी स्थित ऑफिस में हुई थी। 

क्या हुआ था 4 मार्च को

एनआईए के हाथ 4 मार्च को हिरेन की हत्या से जुड़े सभी घटनाक्रमों पर से लगभग पर्दा हटा दिया है। अब तक आरोपियों से पूछताछ में जो जानकारी सामने आई है, उसके मुताबिक सुनील माने अपने ऑफिस से एक दोस्त की फॉक्स वैगन कार से ठाणे के लिए निकले लेकिन अपना फोन ऑफिस में ही छोड़ दिया।  इस दौरान ट्रेन पकड़कर कलवा स्टेशन पहुंचे वाझे को अपने साथ लिया। इससे पहले वाझे ने स्टेशन के बाहर से फेरीवाले से 5-6 रुमाल खरीदी। इसके बाद वाझे ने हिरन को ह्वाट्सएप कॉल किया और माजीवाडा जंक्शन पर मिलने को बुलाया। हिरेन के परिवार वालों को बताया कि उन्हें क्राइम ब्रांच के किसी तावडे ने फोन किया था और पूछताछ के लिए बुलाया है।

हिरेन आकर गाड़ी की पिछली सीट पर बैठे, जबकि माने गाड़ी चला रहे थे और वाझे बगल की सीट पर बैठे थे। इसकी सीसीटीवी तस्वीरें भी एनआईए के हाथ लगी हैं। रात साढ़े नौ बजे के करीब माने और वाझे हिरन को लेकर ठाणे के गायमुख के पास पहुंचे, जहां हिरेन को टवेरा कार में पहले से इंतजार कर रहे चार आरोपियों को सौंप दिया। आरोपियों ने कार में ही हिरेन की हत्या की और उनका शव मुंब्रा की खाड़ी में फेंक दिया। इसके बाद आरोपियों ने वाझे और शर्मा को काम पूरा होने की जानकारी दी। फिर माने ने वाझे को स्टेशन के पास छोड़ा और वसई के पास जाकर हिरेन का एक सिमकार्ड और मोबाइल नष्ट किया। जबकि दूसरा मोबाइल तुंगारेश्वर के पास नष्ट किया। माने ने अपने मातहत को फोन कर मोबाइल घर भेजने को कहा था। वहीं रात में वाझे ने एक बार पर छापा मारा, जिससे वह साबित कर सके कि वारदात के समय वह मुंबई में था। 

 

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