दैनिक भास्कर हिंदी: राज ठाकरे की पार्टी के कार्यकर्ताओं ने की फेरीवालों से मारपीट

October 21st, 2017

डिजिटल डेस्क,मुंबई। अपने राजनीतिक वजूद के लिए जूझ रही महाराष्ट्र नव निर्माण सेना के कार्यकर्ताओं ने ठाणे समेत कई रेलवे स्टेशन के बाहर मौजूद फेरीवालों से बदसलूकी करते हुए उनका सामान फेंक दिया। फिलहाल मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। कांग्रेस ने मनसे कार्यकर्ताओं की गुंडागर्दी के लिए फडणवीस सरकार को जिम्मेदार ठहराया है।

 एलफिंस्टन पुल हादसे के बाद मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे ने चेतावनी दी थी कि अगर अगले 15 दिनों में रेलवे स्टेशनों के बाहर मौजूद फेरीवालों को नहीं हटाया तो मनसे अपने स्टाइल में उन्हें सबक सिखाएगी। शनिवार को 15 दिन खत्म होने के बाद मनसे ने फेरीवालों से मारपीट शुरू कर दी। मनसे कार्यकर्ताओं ने जिस तरह सरेआम कानून हाथ में लिया   उससे पुलिस प्रशासन एक बार फिर सवालों के घेरे में है। 

 मनसे ने ठाणे स्टेशन के बाहर भारी हंगामा किया। जहां इकठ्ठा हुए पार्टी कार्यकर्ताओं ने स्टेशन के बाहर और पुल पर सामान लगाकर बैठे फेरीवालों के सामान फेंकना और उनके साथ मारपीट करना शुरू कर दिया। करीब 30 मिनट चले हंगामे के दौरान मनसे कार्यकर्ताओं ने फेरीवालों को चेतावनी दी कि वे दोबारा स्टेशन परिसर में सामान न बेचें वरना अंजाम अच्छा नहीं होगा। ठाणे के साथ-साथ कल्याण, वसई जैसे कई स्टेशनों के बाहर मनसे कार्यकर्ताओं ने इसी तरह फेरीवालों को धमकाया और उनके साथ बदसलूकी की। वहीं ठाणे में हंगामा करने वाले मनसे कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया गया है। ठाणे पुलिस की प्रवक्ता इंस्पेक्टर सुखदा नारकर ने बताया कि नगर पुलिस स्टेशन में आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई है। फिलहाल किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है। मामले की छानबीन की जा रही है। 

सरकार और मनसे की मिलीभगत: कांग्रेस 

मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष संजय निरुपम ने आरोप लगाया है कि फडणवीस सरकार और राज ठाकरे में मिलीभगत है। इसलिए मनसे द्वारा दी गई समयसीमा खत्म होने के बावजूद उसके कार्यकर्ताओं को कानून हाथ में लेने से रोकने के लिए कोई एहतियाती कदम नहीं उठाए गए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार फेरीवालों के लिए बने कानून को लागू कराने में असफल रही है। वहीं राकांपा नेता धनंजय मुंडे ने भी कहा है कि क्या सीएम की शह पर मनसे कार्यकर्ता कानून हाथ में ले रहे हैं।