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राज्य के 36 जिलों में मूक आंदोलन करेगा मराठा समाज,16 जून को कोल्हापुर से होगी शुरुआत 

राज्य के 36 जिलों में मूक आंदोलन करेगा मराठा समाज,16 जून को कोल्हापुर से होगी शुरुआत 

डिजिटल डेस्क, मुंबई। राज्यसभा सांसद छत्रपति संभाजी राजे ने कहा कि है कि सकल मराठा समाज की ओर से मराठा आरक्षण के लिए प्रदेश के 36 जिलों में मूक आंदोलन किया जाएगा। कोल्हापुर में छत्रपति साहू महाराज केसमाधि स्थल से 16 जून से इस मूक आंदोलन की शुरुआत होगी। गुरुवार को कोल्हापुर मेंपत्रकारों से बातचीत में संभाजी राजे ने बताया कि पहले चरण में कोल्हापुर के अलावा नाशिक, अमरावती, औरंगाबाद, रायगड में मूक आंदोलन होगा। इसके बाद आंदोलन की अगली दिशा तय की जाएगी। संभाजी राजे ने कहा कि मराठा आरक्षण के लिए अब मराठा समाज के लोगों की नहीं बल्कि सांसदों, विधायकों और राज्य के मंत्रियों की जिम्मेदारी है। इसलिए मूक आंदोलन में मराठा समाज के लोग नहीं बोलेंगे बल्कि सांसदों, विधायकों, मंत्रियों को अपनी भूमिका स्पष्ट करनी होगी। इन्हें बताना पड़ेगा कि‘क्यावे मराठा आरक्षण बहाली के लिए जिम्मेदारी उठाएंगे।’ विधायक और मंत्री आंदोलन में जो भूमिका व्यक्त करेंगे वही भूमिका उन्हें विधानमंडल कादो दिवसीय विशेष अधिवेशन आयोजित होने पर सदन में रखनी पड़ेगी। 

पुणे से मंत्रालय तक निकलेगा लांग मार्च

संभाजी राजे ने कहा कि राज्य के 36 जिलों में मूक आंदोलन करने के बाद भी यदि सरकार को कोई फर्क नहीं पड़ेगा तो हम लोग चुप नहीं बैठेंगे। हमने चूड़ियां नहीं पहनी है। हम लोग एक ही बार में जोर लगाएंगे। पुणे से मुंबई के मंत्रालय तक लॉग मार्च निकाला जाएगा। इस लॉग मार्चके लिए पुणे में 36 जिलों के लोगों को बुलाया जाएगा। वहां से लोग मुंबई स्थित मंत्रालय तक पैदल चलकर आएंगे। संभाजी राजे ने कहा कि राज्य सरकार के पास मराठा आरक्षण के लिए पुनर्विचार याचिका दाखिल करने और राज्यपाल के जरिए केंद्र सरकार के पास प्रस्ताव भेजने का विकल्प है। सरकार को इस बारे में उचित फैसला करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मैंने मराठा समाज के लिए राज्य सरकार से विभिन्न पांच मांगों को मंजूर करने की मांग की थी। लेकिन सरकार ने मेरी मांगों का संज्ञान नहीं लिया है।

सीएम ने बुलाया 

मुख्यमंत्री ने शिवसेना के सांसद राहुल शेवाले के जरिए मुझे मिलने के लिए बुलाया था। जबकि उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने मुझे फोन किया था। लेकिन यदि मैंने दोनों नेताओं से मुलाकात की तो मराठा समाज को लगेगा कि मैंने सरकार से समझौता कर लिया है। इसलिए मैंने साफ कहा है कि मैं मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री से नहीं मिलूंगा। बता दें किइससे पहले बीते 5 मई को सुप्रीम कोर्ट ने मराठा आरक्षण को रद्द कर दिया था। 

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