दैनिक भास्कर हिंदी: सियासत सरगर्म : एनसीपी ने खड़ी की प्रवक्ताओं की फौज, 26-27 सितंबर को होगी भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक

September 20th, 2018

डिजिटल डेस्क, मुंबई। आगामी लोकसभा व विधानसभा चुनावों के मद्देनजर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) ने प्रवक्ताओं की फौज खड़ी कर दी है। लोगों तक अपनी बात पहुंचाने के लिए राज्यभर में कुल 31 प्रवक्ता नियुक्त किए गए हैं। पार्टी ने आठ नए चेहरों को मौका देते हुए नवाब मलिक को मुख्य प्रवक्ता पद पर बरकरार रखा है। विधायक हेमंत टकले, सांसद वंदना चव्हाण और संजय खोडके प्रदेश प्रवक्ता बनाए गए हैं। 

जिलावार प्रवक्ताओं की सूची

मुंबई -  विधायक विद्या चव्हाण, विधायक राहुल नार्वेकर, महिला प्रदेशाध्यक्षा चित्रा वाघ, क्लाईड क्रास्टो, अदिती नलावडे, महेश चव्हाण, ड .समीर दलवाई 
पुणे-अंकुश काकडे, चेतन तुपे, जयदेव गायकवाड, विकास लवांडे, विजय कोलते, भूषण राऊत
ठाणे-, आनंद परांजपे व महेश तपासे
औरंगाबाद - सुरजितसिंग खुंगर, निलेश राऊत, उमर फारुकी
अकोला - .आशाताई मिरगे
नाशिक- विश्वास ठाकुर, डॉ.भारती पवार
बीड - श्रीमती उषाताई दराडे, अमरसिंह पंडीत
उस्मानाबाद - कुमारी सक्षणा सलगर
सोलापुर - उमेश पाटील
नागपुर - प्रविण कुंटेपाटील
प्रवक्ता समन्वयक के तौर पर सूरज चव्हाण  को नियुक्त किया गया है। 

26 व 27 सितंबर को मुंबई में होगी बीजेपी प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक

आगामी लोकसभा चुनाव के लिए विपक्ष की तरफ से महागठबंधन बनाने की कोशिशों के बीच प्रदेश भाजपा भी चुनावी तैयारी में जुटेगी। भाजपा की प्रदेश कार्यकारिणी की दो दिवसीय बैठक 26 और 27 सिंतबर को मुंबई में बुलाई गई है। इसमें मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, प्रदेश अध्यक्ष रावसाहब दानवे सहित पार्टी के सभी मंत्री, सांसद और विधायक मौजूद रहेंगे। बैठक में आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनाव की तैयारी से जुड़ी रणनीति पर मंथन होगा। मराठा सहित दूसरे समाज के आरक्षण से जुड़ी मांगों पर चर्चा होगी। आरक्षण समेत सरकार की विफलताओं के मुद्दे पर विपक्ष लगातार सरकार को घेरने में जुटा है। विपक्ष की तरफ से राज्य में महागठबंधन बनाने का प्रयास हो रहा है। दूसरी ओर भारिप बहुजन महासंघ और एमआईएम ने गठबंधन करने की घोषणा कर दी है। इन नए सियासी समीकरणों को मात देने के लिए पार्टी की कार्यकारिणी बैठक में चर्चा होने की उम्मीद है। भाजपा की सहयोगी शिवसेना ने आगामी चुनाव अकेले लड़ने की घोषणा की है। इससे पार्टी थोड़ी मुश्किल में नजर आ रही है। यही कारण है कि मुख्यमंत्री अब भी शिवसेना से गठबंधन करने के लिए सकारात्मक हैं। बैठक में सामाजिक, राजनीतिक समेत अन्य प्रस्ताव पेश किए जाने की संभावना है।