दैनिक भास्कर हिंदी: अपनी मां से मिलने मीडिया के कैमरे लेकर जाते हैं मोदी : राज ठाकरे 

April 7th, 2019

डिजिटल डेस्क, मुंबई। देश को नरेंद्र मोदी व अमित शाह से मुक्ति दिलाने के लिए मैं महाराष्ट्र का दौरा कर 8 से 10 सभाएं करुंगा। यदि इससे कांग्रेस-राकांपा को फायदा होता है तो होने दो। भाजपा-शिवसेना के उम्मीदवार चुन कर न आए इसके लिए काम करुंगा। मनसे अध्यक्ष ने कहा कि परिस्थितियों को देखते हुए मैंने लोकसभा चुनाव न लड़ने का फैसला किया है। पर इसका विधानसभा चुनाव से कोई संबंध नहीं होगा। गुडीपाडवा के मौके पर शिवाजी पार्क पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए राज ने कहा कि पाकिस्तान से युद्ध के बाद आरएसएस ने इंदिरा गांधी को समर्थन दिया था। मराठी राष्ट्रपति के लिए बाला साहेब ठाकरे ने कांग्रेस की प्रतिभा पाटील को समर्थन दिया था। प्रधानमंत्री मोदी की आलोचना करते हुए राज ने कहा कि प्रधानमंत्री बनने के बाद मोदी बदल गए इस लिए उनको लेकर हमारी भूमिका भी बदल गई। उन्होंने अपने गुजरात दौरे और तत्कालिन मुख्यमंत्री मोदी की तारीफ करने को लेकर कहा कि धीरे-धीरे मुझे सारी बाते पता चली। उस वक्त दौरे में मेरे साथ रहने वाले एसपी-कलेक्टर हमेशा मुझे बताते रहते थे कि मोदी ने क्या-क्या किया है। उन्होंने कहा कि मोदी साल में एक बार अपनी मां से मिलने जाते हैं तो मीडिया के कैमरे साथ लेकर जाते हैं। नोटबंदी के वक्त अपनी मां को बैंक की लाईन में खड़ा कर दिया। नोटबंदी-जीएसटी के चलते लाखों लोगों की नौकरी गई है। हिटलर जैसी स्थिति बना दी गई है। मुझे समझ नहीं आ रहा है कि देश में क्या चल रहा है। पुलवामा हमला कैसे हुआ। आरडीएक्स आया कैसे। मनमोहन सिंह से सवाल करने वाले मोदी बताए आरडीएक्स आया कैसे।    

पृथ्वीराज चव्हाण से कब कहा, मुझे भी साथ ले लो 

राज ठाकरे ने कहा कि कांग्रेस-राकांपा से समझौते को लेकर कभी मेरी कोई बातचीत नहीं हुई थी। मैंने कभी उनके साथ जाने की इच्छा नहीं जताई थी। अजित पवार कह रहे हैं कि हम चाहते हैं कि मनसे हमारे साथ आए तो पृथ्वीराज चव्हाण कहते हैं कि नहीं राज ठाकरे हमें नहीं चाहिए। मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि मैंने उनसे कहा था कि मुझे भी साथ ले लो। प्रधानमंत्री मोदी पर हमले बोलने के लिए मनसे अध्यक्ष जनसभा के मंच से मोदी के भाषणों के वीडियो भी दिखाते रहे। राज ने कहा कि यदि हमने पाकिस्तान में 10 लोग भी मारे होते तो वे अभिनंदन को नहीं छोड़ते। यदि कोई हमले के सबूत मांगता है तो उसे देशद्रोही घोषित कर दिया जाता है। यह सोच भी हिटलर की देन है।    
  

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