दैनिक भास्कर हिंदी: मध्यप्रदेश में छिंदवाड़ा की तरफ से दस्तक दे सकता है मानसून, 21 के बाद सक्रीय होने के आसार 

June 19th, 2018

हाईलाइट

  • मानसून के पूर्वानुमान फेल होने के बाद अब मध्यप्रदेश में मानसून की आमद छिंदवाड़ा से होने की संभावना जताई जा रही है।
  • वर्तमान में मानसून त्रिपुरा, आसम व मेघालय जैसे निचले क्षेत्रों में सक्रिय है
  • निचले क्षेत्रों में मानसून सक्रिय होने के कारण इस बार मध्यप्रदेश में मानसून छिंदवाड़ा के रास्ते सक्रिय हो सकता है।

डिजिटल डेस्क, छिंदवाड़ा। मानसून के पूर्वानुमान फेल होने के बाद अब मध्यप्रदेश में मानसून की आमद छिंदवाड़ा से होने की संभावना जताई जा रही है। जिले में मानसून इस साल समय से पहले आने की संभावना जताई गई थी और आखरी दो दिनों तक यही अनुमान लगाया जा रहा था, लेकिन अचानक मानसून स्थिर हो गया और अब तक मध्यप्रदेश में कहीं भी मानसून नही आया है। वर्तमान में मानसून त्रिपुरा, आसम व मेघालय जैसे निचले क्षेत्रों में सक्रिय है और इसी कारण से यह अनुमान मौसम वैज्ञानिक लगा रहे हैं कि निचले क्षेत्रों में मानसून सक्रिय होने के कारण इस बार मध्यप्रदेश में मानसून छिंदवाड़ा के रास्ते सक्रिय हो सकता है।

हालांकि छिंदवाड़ा में ही मानसून 21 जून के बाद आने की संभावना है लेकिन मानसून इस तारीख तक आया तो मध्यप्रदेश में सबसे पहले छिंदवाड़ा में मानसून दस्तक देगा।

तीन से पांच दिन और करना पड़ेगा इंतजार 
जिले में मानसून 12 जून तक आने की संभावना थी, लेकिन मानसून लगभग 10 दिन लेट हो गया। अब निचले क्षेत्रों में मानसून सक्रिय होने के कारण अनुमान लगाया जा रहा है कि 21 जून के बाद मानसून जिले में सक्रिय हो सकता है। इसका मतलब यह है कि जिले में मानसून 3 से पांच दिनों में दस्तक दे सकता है। जिले में अब तक 93.9 औसत वर्षा दर्ज हो चुकी है।

आज भी हो सकती हैं कही-कहीं बारिश 
जिले में रविवार और सोमवार को कुछ क्षेत्रों में आंधी तूफान और बारिश भी हुई है। मौसम विभाग ने पूर्व में ही इसका अनुमान जताया था। मंगलवार को भी जिले में मौसम ऐसा ही रहने की संभावना है और कहीं-कहीं बारिश हो सकती है। यह बारिश मानसूनी नही है और कम दबाव का क्षेत्र बनने के कारण कहीं-कहीं हो रही है।

इनका है कहना
मानसून आने में अभी 3 से पांच दिन का समय लग सकता है, मानसून लेट हुआ है इसिलिए संभावना है कि मानसून निचले क्षेत्रों से प्रदेश में प्रवेश करें वर्तमान में भी मानसून पिछले चार दिनों से निचले क्षेत्रों में ही सक्रिय है। 
राजेश पवार, आंचलिक मौसम विभाग