नागपुर: जिले में तीन बड़े बांधों के 20 गेट खोले, हो चुके हैं लबालब

July 18th, 2022

डिजिटल डेस्क, नागपुर। जिले में पिछले 24 घंटों से जारी बरसात से बड़े बांधों के गेट खोलकर जलविसर्ग करने की नौबत आ गई है। जिले में तीन बड़े बांधों के 20 गेट खोले गए है, जबकि 13 में से 9 मध्यम श्रेणी के बांध भी पूरी तरह से भर चुके हैं। यहीं स्थिति विभाग के अन्य जिलों में भी बनी हुई है। पिछले 24 घंटों में जिले के 5 बड़े बांधों में कामठी (खैरी) में 93.50 फीसदी जलसंचय हुआ है। वहीं दूसरी ओर अन्य बड़े बांध में शामिल नांद में 66.69 फीसदी, तोतलाडोह में 79.31 फीसदी, वड़गांव में 70.23 फीसदी और खिंडसी में 72.46 फीसदी जलसंचय हुआ है। कामठी खैरी के 2 गेट को खोला गया है। 0.3 मीटर के अनुपात में 63.36 क्यूमेक्स पानी छोडा जा रहा है। नांद के 7 गेट खोलकर 0.95 मीटर के अनुपात में 588.92 क्यूमेक्स मीटर पानी छोड़ा जा रहा है। वड़गांव के 11 गेट 0.25 मीटर के अनुपात 230.75 क्यूमेक्स मीटर पानी का विसर्ग किया जा रहा है। जिले के बड़े बांधो की स्थिति में भरपूर जलसंग्रह हो गया है।

9 मध्यम श्रेणी के बांध शत प्रतिशत

जिले के 13 में से 9 बांध शत प्रतिशत भर चुके है, इनमें उमरी, मोरधाम, केसरनाला चंद्रभागा, कोलार, वेणा, पांढराबोड़ी, सायकी, कार का समावेश है, जबकि मकरधोकड़ा और जाम 90 फीसदी भर चुके है। इसके अलावा कान्होलीबारा 84.5, खेकरानाला 66.11 फीसदी जलसंग्रह हो चुका है। लघु श्रेणी के 60 में से 28 पूरी तरह से भर चुके है। ऐसे में कई बांधों के पानी को छोड़ने की नौबत आ गई है।

पिछले 24 घंटे में भारी बरसात दर्ज

पिछले 24 घंटे में जिले के बड़े बांधों के लाभक्षेत्र में भारी बरसात दर्ज की गई है। इसमें से तोतलाडोह में 25 एमएम, वड़गांव में 95 एमएम, कामठी खैरी में 59 एमएम, नांद में 106 एमएम, खिंडसी 59 एमएम बरसात दर्ज हो चुकी है। विशेषज्ञों के मुताबिक पूरे मौसम में अब बरसात नहीं होने पर भी सालभर के लिए पर्याप्त जलसंग्रह हो चुका है। जलसंग्रह में से करीब 20 फीसदी वाष्पीकरण के बाद संतोषजनक स्थिति बनी हुई है।

कई जिलों में अतिवृष्टि जैसी स्थिति

जलसंपदा विभाग के मुताबिक विभाग के गड़चिरोली, वर्धा, गोंदिया और चंद्रपूर में भारी बरसात के चलते अतिवृष्टि की स्थिति बन गई है। वर्धा में निम्न 31 गेट को खोलना पड़ा है। इनमें से 1 मीटर के अनुपात में 2625.13 क्यूमेक्स पानी को छोड़ा जा रहा है। इसके अलावा सप्ताह भर से पोथरा में भी शत प्रतिशत जलसंग्रह होने से स्थिति भयावह हो रही है। गोसीखुर्द प्रकल्प के 7 गेट को 1.5 मीटर के अनुपात में खोलकर 7739 क्यूमेक्स पानी को छोड़ा जा रहा है। गोंदिया के कालीसरार, चंद्रपूर के आसोलामेंढ़ा और गड़चिरोली के जीना प्रोजेक्ट में भी कई गेट को खोलकर 656.38 क्यूमेक्स अनुपात में पानी छोड़ा जा रहा है। विभाग के मध्यम श्रेणी के 40 में से 19 बांध शत प्रतिशत भर चुके है। लघु में 179 में से 41 लबालब हो चुके है।

सालभर के पर्याप्त जलसंग्रहण

आर आर आकरे, प्रभारी अभियंता, संभागीय आपदा प्रबंधन कक्ष, जलसंपदा विभाग ने बताया कि इस साल बरसात के मौसम के आरंभ में ही पर्याप्त से अधिक बरसात हो चुकी है। इस मौसम में अब बरसात के नहीं होने पर भी 20 फीसदी वाष्पीकरण के बाद भी साल भर के लिए पर्याप्त पानी संग्रहित रहेगा। जिले समेत पूरे विभाग में अतिवृष्टि की संभावना को देखते हुए कड़ी निगरानी रखी जा रही है।