संक्रमण का असर: कागजों पर नागपुर मनपा की ऑनलाइन पढ़ाई, स्कूल और महाविद्यालय 15 फरवरी तक बंद रहेंगे

January 9th, 2022

डिजिटल डेस्क, नागपुर। स्कूल खुले तो पढ़ाई शुरू, स्कूल बंद तो पढ़ाई बंद। यह उन परिवारों के बच्चों का हाल है, जिनके पास ऑनलाइन पढ़ाई के लिए संसाधन नहीं है। मनपा के अधिकांश स्कूल के विद्यार्थियों का यही हाल है। कोविड के चलते पहली से आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए स्कूल का दरवाजा बंद हो गया। मनपा के 80% विद्यार्थियों की माली हालात एंड्राइड मोबाइल खरीदने की नहीं है। 20% विद्यार्थियों के पास एंड्राइड मोबाइल है, लेकिन शिक्षकों में पढ़ाने की रुचि नहीं है। शिक्षा विभाग के सूत्र बताते हैं कि ऑनलाइन पढ़ाई मनपा के शिक्षा विभाग का महज दिखावा है। अधिकांश शिक्षकों की ऑनलाइन पढ़ाई कागजों पर है। यानी 80% विद्यार्थियों के पास एंड्राइड मोबाइल नहीं, 20% के पास सुविधा रहने पर भी शिक्षकों में रुचि नहीं रहने के कारण शिक्षा से वंचित हैं।

29 हाईस्कूल हैं : शहर में मनपा के 131 स्कूल हैं, जिसमें से 29 हाईस्कूल और 102 प्राथमिक तथा उच्च प्राथमिक स्कूल हैं। मनपा स्कूल की सभी कक्षा में पढ़ाने वाले विद्यार्थियों की संख्या लगभग 15000 है। उसमें 9वीं से 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों की संख्या 3500 के आसपास है। पहली से आठवीं कक्षा के 11500 विद्यार्थी है, जो स्कूल बंद होने से घर में हैं।

डेढ़ साल से स्कूल बंद रहने पर दसवीं, बारहवीं के विद्यार्थियों को मनपा द्वारा ई-टैब दिए गए। ऑनलाइन पढ़ाई के लिए विद्यार्थी ई-टैब का उपयोग कर रहे हैं। अन्य कक्षा के विद्यार्थियों के पास सुविधा नहीं रहने के कारण ऑनलाइन पढ़ाई से वंचित हैं। शिक्षा विभाग ने मौजूदा हालात में पढ़ाई से वंचित विद्यार्थियों की मुख्याध्यापकों से जानकारी मांगी है।

मनपा विद्यार्थी ऑनलाइन पढ़ाई से वंचित रहने की जानकारी सामने आने पर शिक्षा विभाग ने बस्ती-बस्ती में क्लास लगाई। जिस बस्ती में ज्यादा विद्यार्थी है, ऐसी बस्तियों में शिक्षकों को भेजकर विद्यार्थियों को पढ़ाने का इंतजाम किया गया। बस्ती में किसी एक जगह विद्यार्थियों को इकट्ठा कर उन्हें पढ़ाया गया। दो दिन पूर्व पुन: पहली से आठवीं कक्षा के स्कूल बंद किए जाने से विद्यार्थी फिर शिक्षा से वंचित हो गए हैं।

गत वर्ष हुआ था सर्वेक्षण 
मनपा स्कूल के विद्यार्थी ऑनलाइन पढ़ाई से वंचित रहने की अखबारों में खबरें प्रकाशित होने पर गत वर्ष मनपा ने सर्वेक्षण किया था। उसमें मनपा स्कूलों में पढ़ने वाले अधिकांश विद्यार्थियों के घरों में एंड्राइड मोबाइल नहीं रहने का खुलासा हुआ था। इस सर्वेक्षण के बाद मनपा ने दसवीं और बारहवीं कक्षा के विद्यार्थियों को ई-टैब उपलब्ध कराने का निर्णय लिया था। एक साल बाद इस निर्णय पर अमल हुआ। चालू शैक्षणिक वर्ष में आधा सत्र समाप्त होने के बाद विद्यार्थियों काे ई-टैब का वितरण किया गया।

फिर बस्ती-बस्ती व्यवस्था 

दिलीप दिवे, सभापति शिक्षण समिति के मुताबिक बस्ती-बस्ती में क्लास लगाने पर अब जोर दिया जाएगा। जिस बस्ती में ज्यादा विद्यार्थी है, वहां शिक्षकों को भेजकर विद्यार्थियों को पढ़ाने का इंतजाम किया जाएगा।