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स्टूडेंट्स का फीडबैक तय करेगा नागपुर यूनिवर्सिटी का दर्जा

स्टूडेंट्स का फीडबैक तय करेगा नागपुर यूनिवर्सिटी का दर्जा

 डिजिटल डेस्क, नागपुर । राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय का दर्जा अब विवि में पढ़ रहे विद्यार्थी तय करेंगे। नेशनल एसेसमेंट एंड एक्रेडेशन काउंसिल (नैक) ने विश्वविद्यालय ने 1 हजार विद्यार्थियों के ई-मेल मांगें हैं। नैक प्रत्येक विद्यार्थियों को ई-मेल भेज कर फीडबैक मांगेगा। नैक की अपेक्षा है कि 1000 में से कम से कम 350 विद्यार्थी ई-मेल का जवाब दें, ताकि इसका विश्लेषण किया जा सके। विद्यार्थियों का फीडबैक नैक के विविध मापदंडों मंे से सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। यदि न्यूनतम 350 विद्यार्थी ई-मेल का जवाब न दें, तो विवि को फिर से नए 1000 विद्यार्थियों के ई-मेल नैक को भेजने होंगे। 

15 फरवरी डेडलाइन
उल्लेखनीय है कि विश्वविद्यालय लगातार नैक मूल्यांकन की पहली सीढ़ी यानी सेल्फ स्टडी रिपोर्ट (एसएसआर) तैयार करके नेशनल एसेसमेंट एंड एक्रेडेशन काउंसिल (नैक) को भेजने में देर कर रहा है। वैसे तो तय टाइमटेबल के अनुसार नवंबर 2019 में ही विश्वविद्यालय को यह रिपोर्ट भेज कर नैक को मूल्यांकन के लिए आमंत्रित करना था, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। इसके बाद बार - बार डेडलाइन तय हुई, लेकिन एसएसआर रिपोर्ट तैयार नहीं हुई। अब विश्वविद्यालय ने 15 फरवरी नई डेडलाइन रखी है। कुलगुरु डॉ.सिद्धार्थविनायक काणे का दावा है कि 15 फरवरी के बाद नैक को रिपोर्ट भेज दी जाएगी। 

इसलिए देर... कई विभागों की रिपोर्ट में खामियां
नैक इसके बाद एक एजेंसी की मदद से यूनिवर्सिटी द्वारा भेजी गई जानकारी का सत्यापन करेगा। एसएसआर रिपोर्ट तैयार करने में देरी की मुख्य वजह है कि नागपुर विवि के विविध विभागों ने बीते दिनों जो आईक्यूएसी सेल को रिपोर्ट भेजी, उसमें कई खामियां हैं। दरअसल आईक्यूएसी सेल विवि के हर शैक्षणिक विभाग से प्रत्येक तीन माह में रिपोर्ट मंगाता है। कुल विद्यार्थी, दिव्यांग विद्यार्थी, छात्रवृत्ति के लाभार्थी, उपस्थिति, कार्यक्रम, कांफ्रेंस और विविध जानकारियां देनी होती है। कई विभागों की रिपोर्ट में खामियां निकल कर आई है।

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