2017 में बनी फिल्म: नाथूराम गोडसे की भूमिका निभाने पर सांसद कोल्हे पर भड़के राकांपा-कांग्रेस के नेता 

January 21st, 2022

डिजिटल डेस्क, मुंबई। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की हत्या की घटना पर आधारित फिल्म ‘व्हाई आई किल्ड गांधी’ (मैंने गांधी को क्यो मारा) में नाथू राम गोडसे का किरदार निभाने वाले राकांपा सांसद व अभिनेता अमोल कोल्हे अपनी ही पार्टी के नेताओं के निशाने पर आ गए हैं। राकांपा के वरिष्ठ नेता व राज्य के गृह निर्माण मंत्री जीतेंद्र आव्हाड ने उनकी आलोचना की है जबकि राकांपा के सहयोगी दल कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले ने धमकी दी है कि इस फिल्म को महाराष्ट्र में प्रदर्शित नहीं होने देंगे। हालांकि राकांपा अध्यक्ष शरद पवार ने कोल्हे का बचाव किया है। उन्होंने कहा कि बतौर कलाकार किसी का किरदार अदा करने में कोई बुराई नहीं है। फिलहाल फिल्म का ट्रेलर रिलिज हुआ है। फिल्म वर्ष 2017 में बनी थी पर इसे अब ओटीटी पर रिलिज किया जा रहा है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले ने कहा है की इस फ़िल्म को महाराष्ट्र में प्रदर्शित नहीं होने दिया जाएगा। पटोले ने कहा कि इसको लेकर राकांपा अध्यक्ष शरद पवार ने क्या कहा है, इससे हमें कोई फर्क नहीं पड़ता पर हम इस फिल्म को स्वीकार नहीं कर सकते। लोकतांत्रिक तरीके से फिल्म का विरोध किया जाएगा। राकांपा नेता व राज्य के गृह निर्माण मंत्री जितेंद्र आव्हाड ने भी कोल्हे की आलोचना की है। आव्हाड ने कहा कि कोल्हे द्वारा गोडले की भूमिका स्वीकारना गलत है। उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए था। एक कलाकार को समाज के साथ खड़ा होना चाहिए। उन्होंने चाहे जब यह भूमिका की है, साल कोई भी हो पर मेरा विरोध है। उन्होंने कहा कि यह मेरी व्यक्तिगत भूमिका है। इसका मेरी पार्टी से कोई लेनादेना नहीं है। 

छत्रपति शिवाजी महाराज की भूमिका निभा कर चर्चित हुए कोल्हे 2014 में शिवसेना के स्टार प्रचारक थे। फरवरी 2019 में वे राकांपा में शामिल हो गए और कोल्हापुर लोकसभा सीट से राकांपा के टिकट पर सांसद चुने गए। कोल्हे ने जिस वक्त फिल्म में गोडसे की भूमिका निभाई थी वे राकांपा में नहीं थे। 

अभिनेता का किरदार के विचार से सहमत होना जरुरी नहीं

इस विवाद पर अभिनेता सांसद कोल्हे ने सफाई दी है। कोल्हे ने सोशल मीडिया पर लंबी पोस्ट लिखकर कहा कि ‘रील लाइफ' और ‘वास्तविक जीवन' के बीच एक रेखा खींचने की जरूरत है। कोल्हे ने कहा कि एक कलाकार के रूप में काम करते समय कुछ भूमिकाएं चुनौतीपूर्ण होती हैं, भले ही वह चरित्र की विचारधारा से सहमत न हो। कोल्हे ने लिखा, जनता को भी खुले दिमाग और विचारों से एक कलाकार के काम को देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह जरुरी नहीं कि अभिनेता जो किरदार अदा कर रहा है, वह उसकी विचारधारा से सहमत हो। 

राकांपा सांसद के समर्थन में भाजपा 

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष चंद्रकांत पाटील ने राकांपा सांसद कोल्हे का समर्थन किया है। पाटील ने कहा कि अभिनेता के रूप में कोल्हे किसी भी किरदार को निभा सकते हैं। उन्होंने नाथूराम गोडसे के किरदार को निभाया है। इसमें आपत्तिजनक कुछ भी नहीं है। लेकिन मुख्य मुद्दा यह है कि कोल्हे को गोडसे के विचार स्वीकार्य हैं अथवा नहीं। क्योंकि राकांपा अध्यक्ष शरद पवार को गोडसे के विचार मान्य नहीं हैं। इसलिए इस बारे में कोल्हे को अपनी भूमिका स्पष्ट करनी चाहिए।

    
कोल्हे के बचाव में पवार, कहा रावण का रोल करने वाला बुरा नहीं हो जाता

दूसरी तरफ राकांपा अध्यक्ष शरद पवार ने सांसद कोल्हे का बचाव करते हुए कहा कि कलाकार अच्छा-बुरा सभी तरह के चरित्र निभाता है। शिवाजी की महाराज पर आधारित फिल्म में औरंगजेब का भी चरित्र है। रामायण में राम के साथ रावण का भी रोल होता है। रावण की भूमिका निभाने वाला बुरा नहीं होता। उसी तरह कोल्हे ने फिल्म में गोडसे की भूमिका निभा कर कुछ गलत नहीं किया है।  

 

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