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एनडीएस ने बॉयो मेडिकल कचरा फेंकने वाले 23 हॉस्पिटलों पर की कार्रवाई

एनडीएस ने बॉयो मेडिकल कचरा फेंकने वाले 23 हॉस्पिटलों पर की कार्रवाई

डिजिटल डेस्क, नागपुर। दवाखाना, अस्पतालों से निकलने वाले बॉयो मेडिकल वेस्ट (कचरे) को अलग करने की बजाए उसे सामान्य कचरे में मिलाने के मामले में मनपा के न्यूसेंस डिटेक्शन स्क्वॉड (एनडीएस) ने 23 हॉस्पिटल संचालकों पर कार्रवाई की है। 10 जोन में तैनात एनडीएस द्वारा 23 हॉस्पिटल संचालकों से 2 लाख 19 हजार रुपए का जुर्माना वसूला गया है। विशेष यह कि सीताबर्डी स्थित एक वैद्यकीय व्यावसायिक द्वारा बॉयो मेडिकल वेस्ट, सामान्य कचरे में डाले जाने पर धरमपेठ जोन द्वारा 25 हजार रुपए जुर्माना वसूला गया है। स्वच्छता निरीक्षक जयंत जाधव, एनडीएस के धरमपेठ जोन के टीम लीडर आशीष कटरे सहित जोन के दस्ते द्वारा कार्रवाई की गई। मनपा आयुक्त अभिजीत बांगर, अतिरिक्त आयुक्त राम जोशी के मार्गदर्शन में एनडीएस के लीडर वीरसेन तांबे के नेतृत्व में कार्रवाई शुरू की गई है। 

2017 से 19 के बीच की है कार्रवाई
स्वच्छ भारत अभियान अंतर्गत नागपुर को स्वच्छ, सुंदर बनाने और स्थानीय कचरे को ठिकाने लगाने के लिए मनपा योजनाएं संचालित कर रही है, लेकिन अनेक बार नियमों का उल्लंघन कर स्वच्छ नागपुर की संकल्पना में रुकावटें निर्माण की जाती हैं। इसके लिए नागपुर महानगरपालिका द्वारा जोन स्तर पर एनडीएस का गठन किया गया है। शहर में गंदगी फैलाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई कर स्वच्छता बाबत जागरूकता निर्माण करने का काम एनडीएस द्वारा शुरू है। 11 दिसंबर 2017 से 15 अक्टूबर 2019 के बीच बॉयो मेडिकल वेस्ट, सामान्य कचरे में डाले जाने के खिलाफ 23 हॉस्पिटल संचालकों के खिलाफ यह कार्रवाई कर जुर्माना वसूला गया है। 

लक्ष्मीनगर जोन में सर्वाधिक कार्रवाई 
एनडीएस द्वारा 10 जोन में से लक्ष्मीनगर जोन में सर्वाधिक कार्रवाई की गई है। 10 जोन के कुल 23 प्रकरणों में लक्ष्मीनगर जोन के 7 लोगों पर कार्रवाई की गई। धंतोली जोन में 6, मगंलवारी जोन में 5, धरमपेठ, हनुमान नगर, नेहरू नगर, सतरंजीपुरा, लकड़गंज जोन में एक-एक हॉस्पिटल संचालक पर कार्रवाई कर दंड वसूला गया है। गांधीबाग-आशीनगर जोन में अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। 
 

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।