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प्रशासन की लापरवाही से बिगड़ रहे उद्यानों के चेहरे, लाखों की ग्रीन जिम जंग खा रही

प्रशासन की लापरवाही से बिगड़ रहे उद्यानों के चेहरे, लाखों की ग्रीन जिम जंग खा रही

डिजिटल डेस्क, नागपुर। प्रशासन की लापरवाही से शहर के गार्डन के चेहरे बदल गये हैं। प्रशासन की लापरवाही और मेंटनंस के अभाव में महंगे यंत्र जंग खा रहे हैं।    कई जगह मनपा और नागपुर सुधार प्रन्यास  के गार्डन को लेकर लापरवाही सामने आ रही है।  दोनों के अधिकारक्षेत्र में 160 से अधिक गार्डन हैं, इनमें से 30 फीसदी से अधिक रखरखाव के अभाव में खराब हो चुके हैं। ऐसे ही दो गार्डन प्रशासन की लापरवाही का शिकार हाेने से नागरिकों के लिए परेशानी का कारण बने हैं। 

सिरसपेठ के उद्यान का बिगड़ रहा चेहरा 

अशाेक चौक से रेशमबाग की ओर जाते समय सिरसपेठ माता मंदिर के पास नासुप्र का गार्डन है। रखरखाव के अभाव में यह उद्यान जंगल बनता जा रहा है। यहां लगे बच्चों के खिलौने पेड़-पौधों के बीच दब चुके हैं। इसी तरह यहां के ग्रीन जिम की सामग्री के आसपास खड़े रहने की भी जगह नहीं है। उद्यान का वॉकिंग ट्रैक चलने लायक नहीं है। अनेक स्थानों पर गड्ढे होने से वहां पानी जमा हो जाता है। उद्यान में दिनभर जानवर घूमते रहते हैं। भीतर ही कुछ लोग अपने वाहन पार्क करते हैं। इनमें दो पहिया से लेकर चार पहिया और मालवाहक वाहनों का समावेश होता है। नागरिकों के अनुसार यह उद्यान असामाजिक तत्वों का अड्डा बनता जा रहा है। किसी को कुछ कहने पर विवाद होता है। इसलिए आसपास के लोग किसी से कुछ नहीं कहते। यहां तक कि लोगों ने उद्यान में जाना ही कम कर दिया है। उद्यान का प्रवेशद्वार हमेशा खुला रहने से यहां आसानी से कोई भी आवाजाही करता है। नागरिकों ने संबंधित पार्षद को सुरक्षा के इंतजाम करने के लिए कहा है, लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया जाता। डेढ़ साल पहले ही यहां ग्रीन जिम की सामग्री लगायी गई है, लेकिन अब उनके चारों ओर कीचड़ जमा होने से खड़े रहने को भी पर्याप्त जगह नहीं है। इस तरह प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की लापरवाही के चलते शहर के गार्डन का चेहरे बिगड़ने लगे हैं।

नई शुक्रवारी रोड के उद्यान में पानी  

प्रभाग क्रमांक 18 के नई शुक्रवारी रोड पर काशीबाई भोसले राजघाट के सामने स्थित हनुमान मंदिर के सामने मनपा द्वारा बनाया गया छोटा सा गार्डन बदहाल हो चुका है। हनुमान मंदिर के पास इसी साल खुली जगह पर मनपा ने गार्डन बनाया है। यहां बच्चों के लिए खेल सामग्री आदि लगायी गई है लेकिन यह उद्यान पहली बरसात भी सह नहीं पाया है। बरसात के दौरान गार्डन में पानी जमा हो गया है।  मिट्टी बहकर सड़क पर आने लगी है। नागरिकों के अनुसार जिस समय उद्यान बनाया गया, उसी समय लापरवाही बरती गई। परिसर में पानी निकासी के लिए पाइप लाइन बिछाने का काम सही तरीके से नहीं किया गया। इस कारण इस पाइप लाइन से पानी निकासी नहीं हो पायी। बरसात शुरू होते ही उद्यान में पानी जमा होने लगा। इसी तरह हनुमान मंदिर के सामने भी पानी जमा होने से लोगों का गार्डन तक पहुंच पाना मुश्किल हो गया है। इसी महीने नागरिकों ने गांधीबाग जोन के संबंधित अधिकारी को लिखित शिकायत दी थी। उस समय लीपापोती कर दी गई थी लेकिन इसका स्थायी हल नहीं निकाला गया। स्थिति अब भी जस की तस बनी है।

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