दैनिक भास्कर हिंदी: मध्यप्रदेश के नए मुख्यमंत्री कमलनाथ का नागपुर से रहा है गहरा जुड़ाव

December 17th, 2018

डिजिटल डेस्क, नागपुर। मध्यप्रदेश की कमान संभालने जा रहे कमलनाथ का नागपुर से गहरा जुड़ाव रहा है। यहां तक कि महानगर पालिका के चुनाव में कांग्रेस से उम्मीदवारी पाने के लिए यहां के जनप्रतिनिधि कमलनाथ तक पहुंचते हैं। कमलनाथ के समर्थकों का एक गुट नागपुर कांग्रेस में भी सक्रिय है। यहां कांग्रेस में ऐसे नेताओं की कमी नहीं है जिनका शिक्षा व्यवसाय से संबंध है। स्कूल कालेज के संचालक कांग्रेस के नेता हैं। इनमें कमलनाथ भी शामिल हैं। कमलनाथ जिस छिंदवाड़ा लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते रहे हैं उसकी सीमा नागपुर जिले से ही लगी है। छिंदवाड़ा के साैंसर, पांढुरना, लोधीखेड़ा जैसे क्षेत्रों में मराठी भाषा भी बोली जाती है।

नितीन गडकरी में लेते रहे हैं मार्गदर्शन
नागपुर के बाजार से छिंदवाड़ा के बाजार का जुड़ाव है। कमलनाथ के चुनाव प्रचार के लिए नागपुर व महाराष्ट्र से नेताओं का आना जाना लगा रहता है। उनके मुख्यमंत्री बनने पर समर्थकों में खुशी व्याप्त है। नागपुर के सांसद व भूतल परिवहन मंत्री नितीन गडकरी पार्टी लाइन से बाहर जाकर विकास मामले में कमलनाथ से मार्गदर्शन लेते रहे हैं। गौरतलब है कि कमलनाथ भूतल परिवहन मंत्री भी रहे हैं। नागपुर छिंदवाडा व नागपुर जबलपुर महामार्ग का मामला हो या फिर महाराष्ट्र मध्यप्रदेश की संयुक्त पेंच बांध परियोजना। नागपुर जिले में जलापूर्ति के लिए कमलनाथ का सहयोग मिलता रहा है।

शपथग्रहण में शामिल होंगे सुनील केदार सहित कई नेता
कमलनाथ के शपथग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए जिले के कांग्रेस विधायक सुनील केदार के अलावा अन्य जनप्रतिनिधि भोपाल के लिए रवाना हुए हैं। कलमेश्वर मार्ग पर इंस्टीट्यूट आफ मैनेजमेंट एंड टेक्नालाजी काफी चर्चित है। शिक्षा क्षेत्र में एमआईटी देश की प्रथम 20 महाविद्यालयों में शामिल है। एमआईटी के संचालक कमलनाथ हैं। अपने इस कालेज के व्यवस्थापन कार्यक्रम के सिलसिले में वे नागपुर आते रहते हैं। कांग्रेस में अल्पसंख्यक विभाग में राष्ट्रीय स्तर पर काम कर रहे हैदर अली दोसानी कमलनाथ के नागपुर में समर्थक कार्यकर्ताओं में शामिल है। राज्य के पूर्व अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री अनीस अहमद भी कमलनाथ गुट के नेता माने जाते हैं।