हाईकोर्ट : नितेश का दावा - एक मंत्री के माखौल से नाराज है सत्तासीन पार्टी, इसलिए दर्ज हुई एफआईआर

January 12th, 2022

डिजिटल डेस्क, मुंबई। भारतीय जनता पार्टी के विधायक नितेश राणे ने बांबे हाईकोर्ट में अपने वकील के माध्यम से दावा किया है कि चूंकि मैंने पिछले माह विधानभवन के प्रवेश द्वार पर राज्य के एक मंत्री का माखौल उड़ाया था। इससे राज्य की सत्तासीन पार्टी ने खुद आहत व अपमानित महसूस किया है। परिणाणस्वरुप मेरे खिलाफ हत्या के प्रयास की एफआईआर दर्ज की गई है। दरअसल पिछले माह नितेश ने विधानभवन की सीढियों पर बैठकर उस दिशा में बिल्ली की आवाज निकाली थी जहां से राज्य के पर्यावरण मंत्री व शिवसेना नेता आदित्य ठाकरे जा रहे थे। केंद्रीय मंत्री नारायण राणे के बेटे नितेश  एक शिवसेना कार्यकर्ता पर हमले के मामले में आरोपी है। मामले में गिरफ्तारी की आशंका को देखते हुए नितेश ने हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए आवेदन किया है। इससे पहले सिंधुदुर्ग की कोर्ट ने नितेश को जमानत देने से मना कर दिया था। इसलिए अब नितेश हाईकोर्ट पहुंचे है। पुलिस ने नितेश के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 307,120 बी व 34 के तहत मामला दर्ज किया है। यह मामला सिंधु दुर्ग को-आपरेटिंव बैंक के चुनाव से पहले हुई आपराधिक घटना को लेकर दर्ज किया गया है। 

बुधवार को न्यायमूर्ति सीवी भंडग के सामने नितेश के जमानत आवेदन पर सुनवाई हुई। इस दौरान नितेश की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता नीतिन प्रधान ने कहा कि मेरे मुवक्किल के खिलाफ सिर्फ इसलिए एफआईआर दर्ज की गई ताकि वे बैंक के चुनाव में हिस्सा न ले सके। यह एफआईआर विधानभवन में मेरे मुवक्किल द्वारा व्यांगत्मक लहजे में निकाली गई बिल्ली के आवाज की घटना के बाद दर्ज की गई है। इस घटना से सत्तासीन पार्टी ने खुद को आहत व अपमानित महसूस किया। इसलिए मेरे मुवक्किल के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। बुधवार को समयाभाव के चलते इस मामले की सुनवाई पूरी नहीं हो सकी। इसलिए न्यायमूर्ति ने गुरुवार को भी जमानत आवेदन पर सुनवाई जारी रखी है। इस दौरान सरकारी वकील ने कहा कि जब तक आरोपी(नितेश) के जमानत आवेदन पर सुनवाई पूरी नहीं हो जाती है तब तक आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई न करने के आश्वासन को कायम रखा जाएगा।