दैनिक भास्कर हिंदी: 600 पेड़ कटाई करने वाले नागपुर जिला अधिकारी व थर्मल पावर स्टेशन को नोटिस

February 21st, 2019

डिजिटल डेस्क, नागपुर। हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर खापरखेड़ा की एक कॉलोनी में 600 पेड़ों की कटाई का विरोध करने वाले याचिकाकर्ता विदर्भ मजदूर संघ के शुभम वहाने ने हाईकोर्ट के बीते आदेश के मुताबिक कोर्ट में अपनी प्रामाणिकता साबित करने के लिए 2 लाख रुपए जमा कराए हैं। याचिकाकर्ता ने इस पूरे प्रकरण की जांच कराने की प्रार्थना हाईकोर्ट से की है। इसके बाद हाईकोर्ट ने मामले में प्रतिवादी नागपुर जिलाधिकारी, खापरखेड़ा थर्मल पॉवर स्टेशन और महाराष्ट्र स्टेट पॉवर जनरेशन कंपनी लिमि. को नोटिस जारी कर 8 सप्ताह में जवाब मांगा है।

खापरखेड़ा निवासी शुभम ने हाईकोर्ट में अपने गांव के एमएसईबी कॉलोनी में 600 पेड़ों की कटाई का विरोध किया था। केंद्र के मुख्य अभियंता ने पेड़ तोड़ने का यह आदेश जारी किया था। याचिकाकर्ता के अनुसार, सूचना के अधिकार में उसे जानकारी मिली कि खापा वन अधिकारियों ने वृक्ष तोड़ने की कोई अनुमति प्राप्त नहीं की है। इस मामले में दोषियों पर कार्रवाई होना जरूरी है। जब यह मामला कोर्ट के समक्ष सुनवाई के लिए आया तो कोर्ट को याचिकाकर्ता की मंशा पर संशय हुआ। न्यायालय में मौजूद याचिकाकर्ता से कोई ने कुछ सवाल भी किए थे। कोर्ट ने याचिकाकर्ता का नाम, पता, काम, पारिवारिक पृष्ठभूमि जानने के बाद अपना आदेश जारी किया था। याचिकाकर्ता की ओर से एड. अश्विन इंगोले ने पक्ष रखा।

किसानों की मदद को लेकर आंदोलन की चेतावनी
जिले में संतरा व मौसंबी उत्पादकों को मदद की मांग को लेकर पूर्व मंत्री अनिल देशमुख ने सरकार के विरोध में आंदोलन की चेतावनी दी है। श्री देशमुख के अनुसार काटोल, नरखेड, कलमेश्वर तहसील को सूखाग्रस्त घोषित करने के बाद मदद के मामले में संतरा व मौसंबी की फसल को अलग रखा गया। इन उत्पादकों को मदद के संबंध में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को निवेदन दिया गया है। सूखाग्रस्त क्षेत्र घोषित करते समय शब्दों का खेल करते हुए नरखेड तहसील को मध्यम सूखा क्षेत्र की सूची में डाला गया। लिहाजा यह तहसील सरकारी मदद से वंचित रह जाएगी। अमरावती जिले के वरुड, मोर्शी तहसील के संतरा व मौसंबी उत्पादकों को मदद घोषित की गई है। श्री देशमुख ने क्षेत्र में फसल नुकसान का पुनवर्से कर जल्द राहत घोषित करने की मांग की है।