दैनिक भास्कर हिंदी: महाराष्ट्र के स्कूली बच्चों को मिड डे मील में मिलेगा मिल्क

July 19th, 2018

डिजिटल डेस्क, नागपुर। दूध निर्यात पर किसानों को 20 फीसदी इंसेंटिव मिलेगा। केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने विधानसभा परिसर में मीडिया से चर्चा के दौरान कहा कि दूध और उससे बने पदार्थों के निर्यात पर किसानों को 20 फीसदी अनुदान दिया जाएगा। इसी तरह मध्यान्ह भोजन में दिए जाने वाले खाने के साथ दूध देने की योजना को केंद्र सरकार ने मंजूरी दी है। इसके अलावा 300 करोड़ का फंड भी तैयार किया गया है, जिसे वर्किंग कैपिटल नियोजन का नाम दिया गया है। कॉपरेटिव सेक्टर में 5 फीसदी पर कर्ज देने की योजना, प्याज एक्सपोर्ट और सोयाबीन को लेकर योजनाओं को अमली जामा पहनाया जाएगा। ताकि किसानों को फायदा हो सके। 

दूध, प्याज और सोयाबीन उत्पादक किसानों को इससे बड़ी राहत मिलेगी। एक्सपोर्ट पर इंसेंटिव का सीधा लाभ किसानों को मिलेगा। गडकरी ने कहा कि राज्य के अधूरे पड़े प्रोजेक्ट को पूर्ण करने के लिए केंद्र सरकार साल में पूरी निधि देने को तैयार है। इसमें 25 फीसदी हिस्सा केंद्र बाकी 75 फीसदी हिस्सा नाबार्ड का है। केंद्र, राज्य सरकार को अधूरे प्रोजेक्ट पूरे करने के लिए निधि की कमी नहीं होने देगा। नाबार्ड और केंद्र सरकार मिलकर निधी राज्य को देंगे। 

गडकरी ने बताया कि विधान परिषद सभापति हरिभाऊ बागडे ने उन्हें शक्कर कारखाने के विषय पर चर्चा के लिए बुलाया था। इसलिए वे विधान सभा आए और हरिभाऊ बागड़े से शक्कर कारखानों के बारे में चर्चा की। उन्होंने कहा कि सरकार की स्थिति बहुत विकट है। आर्थिक बदहाली के दौर से शक्कर उद्योग गुजर रहा है। उन्होंने कहा कि किसान शक्कर की बजाए इथेनॉल का निर्माण करें, भारत सरकार इथेनॉल खरीदेगा। जिससे किसानो को लाभ मिलेगा।