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अब महाराष्ट्र के पुलिस थानों में काम करेंगे सरकारी कर्मचारी, प्रवासी मजदूरों की घर वापसी में मिलेगी मदद

अब महाराष्ट्र के पुलिस थानों में काम करेंगे सरकारी कर्मचारी, प्रवासी मजदूरों की घर वापसी में मिलेगी मदद

डिजिटल डेस्क, मुंबई। प्रदेश सरकार के 1457 अधिकारी और कर्मचारी अब मुंबई के पुलिस स्टेशनों में काम करेंगे। सरकार ने कोरोना संकट में गृह विभाग को अतिरिक्त मानव संसाधन देने का फैसला किया है। सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में शासनादेश जारी किया है। जिसके तहत दूसरे राज्यों में जाने वाले प्रवासी मजदूरों की जानकारी के प्रबंधन के लिए मुंबई पुलिस को ज्यादा कर्मचारियों की जरूरत है। इसलिए सरकारी कर्मचारी पुलिस स्टेशनों में प्रवासी मजदूरों से जुड़ी जानकारी जुटाने के काम में पुलिस की मदद करेंगे। सरकार ने मंत्रालय के 40 वर्ष से कम आयु वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को उपलब्ध कराया है। अब मुंबई पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह इन अधिकारियों और कर्मचारियों की नियुक्ति पुलिस स्टेशन में करेंगे। इसके साथ ही उन्हें अपने अपने काम की जिम्मेदारी दी जाएगी। आपदा प्रबंधन कानून के तहत सभी कर्मचारियों को नियुक्त किए गए स्थान पर हाजिर होना अनिवार्य होगा। सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को आगामी 31 मई अथवा अगले आदेश तक पुलिस स्टेशनों में सेवाएं देनी होंगी।

सरकार ने कृषि विभाग, वित्त विभाग, ऊर्जा विभाग, जलापूर्ति व स्वस्छता विभाग, सार्वजनिक निर्माण कार्य विभाग, मराठी भाषा विभाग, स्कूली शिक्षा व खेल विभाग, सहकारिता विभाग, मृद व जलसंरक्षण विभाग, पर्यटन विभाग, जलसंसाधन विभाग, नगर विकास विभाग समेत दूसरे विभागों के कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। केंद्र सरकार ने लॉकडाउन की अवधि में प्रवासी मजदूरों को गांव जाने के लिए अनुमति दी गई है। इसके लिए राष्ट्रीय प्रवासी सूचना प्रणाली विकसित की गई है। इसके आधार पर सरकार ने गृह विभाग के प्रधान सचिव (विशेष) अमिताभ गुप्ता की अध्यक्षता में प्रवासी मजदूरों से संबंधित जानकारी जुटाने के लिए समिति गठित की है। इस समिति में मुंबई शहर के पुलिस सह आयुक्त विनय चौबे और सामान्य प्रशासन विभाग के उप सचिव राहुल कुलकर्णी को शामिल किया गया है। 

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