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अब वकीलों को टू-व्हीलर से कोर्ट आना होगा, नहीं चलेगी मर्सिडिज

अब वकीलों को टू-व्हीलर से कोर्ट आना होगा, नहीं चलेगी मर्सिडिज

डिजिटल डेस्क, नागपुर।  शहर में सड़कों की स्थिति सुधरने का नाम नहीं ले रही है। प्रशासन द्वारा ध्यान नहीं देने पर मामला हाईकोर्ट तक पहुंच गया, जहां सुनवाई हो रही है। कोर्ट ने समय-समय पर जहां दिशा-निर्देश दिए, वहीं संबंधित प्रशासन पर सख्त टिप्पणी भी की।  शहर की सड़कों पर गड्ढों की समस्या पर केंद्रित सू-मोटो फौजदारी रिट याचिका पर न्यायमूर्ति जेड. ए. हक और न्यायमूर्ति मुरलीधर गिरटकर की खंडपीठ में सुनवाई हुई। इस दौरान कोर्ट ने टिप्पणी की कि इस बात की गंभीरता मनपा और पुलिस को समझाने के लिए जरूरत पड़ी, तो उनके वकीलों को अपनी मर्सिडिज गाड़ियों की जगह टू-व्हीलर से कोर्ट आने का आदेश जारी किया जाएगा।

बारीकियों का ध्यान रखा जाना चाहिए
सुनवाई में मध्यस्थी अर्जदार अजय तिवारी के अधिवक्ता एम. अनिल कुमार ने कोर्ट को बताया कि शहर में सड़कों पर न केवल बड़ी संख्या में गड्ढ़े हैं, बल्कि कई सड़कों में पेवर ब्लॉक इस प्रकार लगाए गए हैं, जिससे कभी भी हादसे हो सकते हैं। सड़कों के निर्माणकार्य के दौरान इन बारीकियों का ध्यान रखा जाना चाहिए। इस पर कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में कहा कि सड़क बनाना तकनीकी काम है, मनपा इस जिम्मेदारी को समझ कर सुरक्षित सड़कें बनाने पर ध्यान दें, लेकिन कोर्ट ने इस बात का भी संज्ञान लिया कि सड़क के गड्ढ़े टू-व्हीलर चालकों के लिए खतरनाक हैं। मामले में सभी पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई 15 जनवरी को रखी है। 

21 दिन में 457 शिकायतें
सड़कों की समस्या हल करने को लेकर मनपा ने अपना शपथ-पत्र हाईकोर्ट में प्रस्तुत किया, जिसमें मनपा ने कोर्ट को बताया कि 16 अक्टूबर से 7 दिसंबर तक उन्हें कुल 457 शिकायतें मिली हैं। उन्होंने 318 शिकायतें हल करते हुए गड्ढ़े भर दिए हैं। 81 शिकायतें नासुप्र, एनएचएआई व अन्य संस्थाओं के अधीन होने के कारण शिकायतें उन्हें भेज दी गई हैं। 11 शिकायतों पर मनपा को सही लोकेशन नहीं मिल सकी और 20 शिकायतों का समाधान जारी है। बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर खंडपीठ ने शहर की सड़कों पर गड्ढों की समस्या पर केंद्रित सू-मोटो याचिका दायर कर रखी है, जिस पर नियमित सुनवाई जारी है। मामले में एड. राहिल मिर्जा न्यायालयीन मित्र की भूमिका में हैं। मनपा की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एस.के. मिश्रा और एड. सुधीर पुराणिक कामकाज देख रहे हैं।

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