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अब छात्रों को नहीं मिलेगा स्कूल आने के लिए उपस्थिति भत्ता, भाजपा ने किया विरोध 

अब छात्रों को नहीं मिलेगा स्कूल आने के लिए उपस्थिति भत्ता, भाजपा ने किया विरोध 

डिजिटल डेस्क, मुंबई। प्रदेश सरकार ने कक्षा पहली से चौथी तक के अनुसूचित जाति, घुमंतु जाति और विमुक्त जनजाति के गरीबी रेखा के नीचे जीवनयापन करने वाले विद्यार्थियों को स्कूल में आने के लिए दिए जाने वाले उपस्थिति भत्ता को बंद कर दिया है। राज्य के प्राथमिक शिक्षा निदेशक द. गो. जगताप ने इस संबंध में जिला परिषद के प्राथमिक शिक्षणाधिकारी को पत्र लिखा है। इन छात्रों को स्कूल आने पर प्रतिदिन एक रुपए दिए जाते थे। सरकार के इस फैसले का भाजपा ने विरोध किया है। 

भाजपा शिक्षक सेल के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य अनिल बोरनारे ने सरकार से विद्यार्थियों का उपस्थिति भत्ता दोबारा शुरू करने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का विद्यार्थी, शिक्षक और शिक्षा की ओर से सरकार अक्षम्य अनदेखी कर रही है। बोरनारे ने कहा कि सरकार के मंत्रियों के बंगले और गाड़ियों की खरीदी पर लाखों रुपए खर्च किए जा रहे हैं। दूसरी ओर गैर अनुदानित स्कूलों के शिक्षकों को अनुदान नहीं मिल पा रहा है। अब कक्षा पहली से चौथी तक के आदिवासी उपयोजना क्षेत्र के अतिरिक्त इलाकों के विद्यार्थियों को प्रोत्साहन के रूप में दिए जाने वाले उपस्थिति भत्ता को रद्द करने का पाप सरकार ने किया है। बोरनारे ने कहा कि सरकार ने कोरोना काल में स्कूल बंद होने के कारण उपस्थिति भत्ता नहीं देने का फैसला किया है लेकिन ऑनलाइन पढ़ाई शुरू है। उपस्थिति भत्ता मिलने के कारण विद्यार्थियों की उपस्थिति बढ़ी थी लेकिन अब भत्ता बंद होने का प्रभाव हजारों विद्यार्थियों पर पड़ेगा। 
 

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