दैनिक भास्कर हिंदी: Onion : खोली गई एशिया की सबसे बड़ी प्याज मंडी, किसानों ने ली राहत की सांस

May 24th, 2021

डिजिटल डेस्क, नाशिक। जिले की ज्यादातर मंडियों के खुलने के बाद किसानों ने राहत की सांस ली है। लॉकडाउन की वजह से 13 दिन के बाद प्याज मंडी को एक बार फिर खोल दिया गया। लासलगांव की इस बड़ी मंडी को अप्रैल से दो बार बंद किया जा चुका है। सोमवार को 493 वाहनों के जरिए मंडी में 10 हजार 373 क्विंटल प्याज पहुंचा। इस दौरान अधिकतम 1 हजार 635 रूपए और न्यूनतम 700 रूपए एवं औसत 1 हजार 401 रुपए का दाम मिला। जब्कि देखा जाए तो मंडी बंद होने से किसानों को प्याज बेचने में प्रति क्विंटल 400 से 500 रुपए का नुकसान हो रहा था, सीधे किसानों के घरों से प्याज खरीदने पर व्यापारियों की तरफ से उचित दाम भी नहीं मिल रहा था।

किसानों को उम्मीद

मंडी में रोजाना डेढ़ हजार किसान प्याज बेचने आते हैं। इस बार किसानों को उम्मीद थी कि उन्हें कम से कम 2000 रुपए प्रति क्विंटल तक मिलेगा। जिले की प्रमुख 15 कृषी मंडी समितियां 12 मई से बंद कर दी गई थीं। बहरहाल नाशिक के जिलाधिकारी सूरज मांढरे ने कुछ शर्तो के आधार मंडी खोलने के आदेश दिए हैं। मंडी में प्याज और अनाज की निलामी शुरू हो गई। प्याज, अनाज और सब्जी की निलामी के लिए आनेवाले किसानों को कोरोना की जांच अनिवार्य है। इसके अलावा वाहनों का पंजीकरण किया जा रहा है। तब जाकर मंडी में प्रवेश मिल रहा है।

मंडियों को खोला 

पिंपलगाव बसवंत, कलवण, चांदवड, देवला, सटाणा, नामपुर, निफाड, विंचूर, येवला, मनमाड, अभोणा और उमराणे मंडियों को भी खोला गया है। जिससे प्याज बेचने में दिक्कत नहीं आएगी। पहले दिन केवल पांच सौ प्याज लेकर पहुंचे वाहनों को प्रवेश दिया गया। गेट से करीब दो किलोमीटर तक वाहनों की कतारें लगी दिखाई दी। वाहनों पर सैनिटाइजर का छिड़काव किया गया। जिन वाहनों का पंजियन नहीं था, उन्हें प्रवेश नहीं मिला। प्याज उत्पादक किसान शेखर उगले के मुताबिक किसान नियमों का पालन करेंगे, मंडी हमेशा खुली रहनी चाहिए।