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बैंक में नौकरी के नाम पर छात्रा से ऑनलाइन धोखाधड़ी, लगी चपत

बैंक में नौकरी के नाम पर छात्रा से ऑनलाइन धोखाधड़ी, लगी चपत

डिजिटल डेस्क, नागपुर । बैंक में नौकरी लगाने के नाम पर छात्रा से ऑनलाइन धोखाधड़ी करने का मामला उजागर हुआ है। 82,455 रुपए की ठगी की गई है।  हुड़केश्वर थाने में आरोपी के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है। बरामद मोबाइल नंबर के आधार पर साइबर सेल की मदद से मामले को सुलझाने का प्रयास जारी है।  जानकारी के अनुसार अयोध्या नगर निवासी छात्रा अर्पिता विट्ठलराव अडासे (25) है। वह सीए की पढ़ाई कर रही है, उसके पिता वकील हैं। अर्पिता नौकरी की तलाश में है। इस कारन उसने अपना बायोडाटा वेबसाइट पर अपलोड किया था। 3 से 7 अक्टूबर 2019 के बीच अर्पिता को अलग-अलग तीन मोबाइल नंबरों से किसी ने फोन कर बताया कि उसकी नियुक्ति एक्सिस बैंक शिवाजी नगर नागपुर की शाखा में बतौर फायनांस एक्जीक्यूटिव पद के लिए हुई है। इस बीच फोनकर्ता ने अर्पिता को अपना बैंक खाता नंबर दिया। खाते में रजिस्ट्रेशन, डाक्युमेंट वेरिफिकेशन, पे-रोल रिपोर्ट आदि शुल्क जमा करने के लिए कहा था। झांसे में आई अर्पिता ने कुल 82 हजार 455 रुपए खाते में जमा कर दिए, परंतु उसे नौकरी नहीं मिली।  उल्टा और विविध शुल्क की मांग की जा रही थी। इससे उसे ठगे जाने का एहसास हो गया, जिससे रविवार को मामला थाने पहुंचा। जांच जारी है। 

आनलाइन वाहन खरीदना महंगा पड़ा
दाेपहिया वाहन खरीदी-बिक्री के आड़ मेें व्यक्ति को आॅनलाइन ठगने का मामला उजागर हुआ है।  हिंगना थाने में आरोपी के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया। हिंगना स्थित इम्पीरियल सिटी, कोथेवाड़ा निवासी सुलभ कल्लूचंद जैन (26) है। उसे पुराना दोपहिया वाहन खरीदना था। उसने ओएलक्स पर ऑनलाइन वाहन देखना शुरू किया। 31 मई से 2 अक्टूबर-2019 के बीच में उसे विकास पटेल नामक व्यक्ति का वाहन पसंद आ गया। ओएलक्स पर विकास के अपने वाहन के साथ खुद का मोबाइल नंबर भी दिया था। विकास से सुलभ ने संकर्प किया। फोन पर उनका वाहन खरीदने का सौदा पक्का किया। विकास के कहने पर सुलभ ने उसे अपना आधार कार्ड, आर्मी ऑफिस के कैंटीन के कार्ड की फोटो भेज दी। गुगल पे के जरिए विकास के खाते में 35 हजार रुपए भी जमा िकए। रुपए मिलने के बाद विकास ने फोन उठाना ही बंद कर दिया। इससे सुलभ को ऑनलाइन वाहन खरीदना महं गा पड़ गया। प्रकरण दर्ज िकया गया है। जांच जारी है।

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।