दैनिक भास्कर हिंदी: अब केवल मराठा समाज को मिलेगा अण्णासाहब पाटील महामंडल का लाभ

August 6th, 2018

डिजिटल डेस्क, मुंबई। प्रदेश सरकार के अण्णासाहब पाटील आर्थिक पिछड़ा विकास महामंडल की विभिन्न योजनाओं का लाभ अब केवल मराठा समाज को मिलेगा। राज्य सरकार अण्णासाहब पाटील आर्थिक पिछड़ा विकास महामंडल का नाम बदलेगी। इसका नया नाम अण्णासाहब पाटील मराठा आर्थिक विकास महामंडल होगा। सोमवार को मंत्रालय में शिवसंग्राम के अध्यक्ष व विधायक विनायक मेटे ने पत्रकारों से बातचीत में यह जानकारी दी।

मेटे ने कहा कि राज्य में जारी मराठा आरक्षण आंदोलन के मद्देनजर शिवसंग्राम के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से रविवार को देर रात मुलाकात की थी। मेटे ने कहा कि अण्णासाहब पाटील महामंडल में आर्थिक पिछड़ा शब्द जुड़ा होने के कारण दूसरे समाज के लोगों को कर्ज वितरण योजना का लाभ मिल रहा है। इस कारण हमने महामंडल के नाम में संशोधन करने की मांग की थी। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार महामंडल के नाम में संशोधन करने संबंधित शासनादेश अगले 8 दिनों में जारी करेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अण्णासाहब पाटील महामंडल के माध्यम से ही अब 25 से 50 हजार रुपए तक रुपए का कर्ज मराठा समाज के युवकों को उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अलावा एक लाख रुपए से अधिक के व्यक्तिगत कर्ज, समूह कर्ज जैसी योजनाओं के लिए राष्ट्रीकृत बैंकों के साथ-साथ शेड्यूल बैंक, सक्षम सहकारी बैंक, अर्बन बैंकों को योजना का लाभ देने की अनुमति दी जाएगी। 

मेटे ने कहा कि हमें विश्वास है कि राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट अक्टबूर महीने तक आ जाएगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने हमसे कहा है कि रिपोर्ट आने के बाद एक महीने के भीतर नवंबर के आखिर तक आरक्षण देने को लेकर वैधानिक प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने कहा है कि छत्रपति शाहू महाराज शिक्षा शुल्क छात्रवृत्ति योजना का लाभ नहीं देने वाले शिक्षा संस्थाओं के खिलाफ फौजदारी मामला दर्ज किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया है कि डॉ. पंजाबराव देशमुख छात्रावास योजना के तहत हर जिले में मराठा समाज के विद्यार्थियों के लिए हॉस्टल अगले छह महीने में खोल दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि मराठा आंदोलन में शामिल युवकों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लिया जाएगा। इसके लिए हर जिले में कितने लोगों के खिलाफ मामला दर्ज है। इसकी जिलास्तर पर जानकारी जुटाने का काम शुरू हो गया है। आगामी 15 अगस्त तक युवकों के खिलाफ दर्ज मामले को वापस लेने के संबंध में शासनादेश जारी किया जाएगा। 

युवकों की आत्महत्या कलंक और लज्जास्पद
मेटे ने कहा कि मराठा आरक्षण के लिए राज्य में अब तक 15 से अधिक युवकों ने आत्महत्या कर ली है। जिसमें बीड़ जिले के 5 युवक ने आत्महत्या की है। मराठा युवकों द्वारा आत्महत्या की घटना प्रदेश और राज्य सरकार के लिए कलंक और लज्जास्पद है। उन्होंने कहा कि युवाओं की आत्महत्या को रोकने के लिए मुख्यमंत्री ने व्यापक कदम उठाने का आश्वासन दिया है।