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मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष की तलाश के लिए पहली बार ओपिनियन पोल का सहारा

मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष की तलाश के लिए पहली बार ओपिनियन पोल का सहारा

डिजिटल डेस्क, मुंबई। लंबे समय से रिक्त मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष की तलाश के लिए पार्टी ओपिनियन पोल का सहारा ले रही है। नए अध्यक्ष की तलाश पूरी करने के लिए पार्टी प्रभारी एचके पाटील ने पार्टी पदाधिकारियों से रायशुमारी की है। पार्टी के 135 साल के इतिहास में ऐसा पहली बार हो रहा है। इसके अच्छे नतीजे भी सामने आ रहे हैं और अब तक आठ उम्मीदवार इस प्रतिष्ठित कुर्सी की रेस में शामिल हो चुके हैं। बता दें कि मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष की कुर्सी करीब डेढ़ साल से खाली है। अखिल भारतीय कांग्रेस समिति के महासचिव और राज्य के प्रभारी एचके पाटील ने मुंबई अध्यक्ष के चुनाव में पार्टी पदाधिकारियों की राय शामिल करने का सुझाव दिया था। पिछले सप्ताह करीब 500 ब्लॉक अध्यक्षों और प्रदेश कांग्रेस समिति के सदस्यों को संदेश भेजा गया था। पार्टी पदाधिकारियों के भेजे गए संदेश में पाटील ने लिखा कि आप मुंबई कांग्रेस के अहम नेता हैं। आपको दोपहर 2 बजे से 5 बजे के बीच एक महत्वपूर्ण फोन आएगा, जिसे ध्यान से सुनकर दिए गए निर्देशों का पालन करें। बाद में पदाधिकारियों को पाटील का रिकार्डेड संदेश आया, जिसमें कहा गया था कि मुंबई कांग्रेस का अध्यक्ष कौन बने बीप के बाद एक नाम बताएं, आपका जवाब गुप्त रखा जाएगा। इसके अलावा पाटिल ने अपने मुंबई दौरे के दौरान पार्टी पदाधिकारियों से इस मुद्दे पर बातचीत भी की थी। 

सामने आए यह नाम 

पार्टी सूत्रों के मुताबिक पदाधिकारियों से राय लेने के बाद आठ नाम सामने आएं हैं। अमरजीत सिंह मनहास, अशोक उर्फ भाई जगताप, सुरेश शेट्टी, नसीम खान, मधुकर चव्हाण, चरणजीत सिंह सप्रा, एकनाथ गायकवाड और संजय निरुपम के नाम मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए पार्टी पदाधिकारियों की ओर से सुझाए गए हैं। मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष मिलिंद देवड़ा ने अगस्त 2019 में इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद पार्टी ने एकनाथ गायकवाड को पूर्णकालिक अध्यक्ष का चुनाव होने तक अंतरिम अध्यक्ष बनाया था, जो अब तक इसी कुर्सी पर है। मुंबई में कांग्रेस पार्टी की जमीन लगातार खिसक रही है। शिवसेना और भाजपा ने देश की आर्थिक राजधानी में कांग्रेस के मुकाबले अच्छी बढ़त बना ली है। मुंबई महानगर पालिका चुनावों में पार्टी का प्रदर्शन लगातार खराब हो रहा है। साल 2007 के चुनावों में पार्टी को 26 फीसदी वोट मिले थे, जबकि 2012 में उसे 21 फीसदी और 2017 में 16 फीसदी ही वोट मिले। इस दौरान कांग्रेस की सीटें भी 75 से घटकर 31 तक पहुंच गईं। 

सह पार्टी प्रभारी आशिष दुआ के मुताबिक पार्टी ऐसे नेता को मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष बनाना चाहती है, जिसकी सबसे ज्यादा स्वीकारोक्ती हो। नियुक्ति के लिए पार्टी नेताओं के बीच रायशुमारी पार्टी में लोकतांत्रिक प्रक्रिया को और मजबूत करती है। इसके अच्छे परिणाम सामने आए हैं। हम उम्मीद कर रहे हैं कि नए साल मुंबई कांग्रेस को नया अध्यक्ष मिल जाएगा।
                                 
                                   

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