चांदीवाल जांच समिति के सामने बिल्डर का बयान : बदले की भावना से परमबीर ने देशमुख पर लगाए हैं आरोप

August 25th, 2021

डिजिटल डेस्क, मुंबई। एक भवन निर्माता ने राज्य के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ लगाए गए भ्रष्टाचार के कथित आरोपों की जांच के लिए हाईकोर्ट के पूर्व न्यायमूर्ति केयू चांदिवाल कमेटी के सामने हलफनामा दायर किया है। हलफनामे में भवन निर्माता बिमल अग्रवाल ने दावा किया है कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता देशमुख पर लगाए गए आरोप आधारहीन है और यह आरोप देशमुख पर बदले की भावना से लगाए गए है। 

अग्रवाल ने दावा किया है कि पूर्व मुंबई पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह ने यह आरोप प्रतिशोध व बदले की भावना से लगाए हैं। 26 पन्ने के हलफनामे में अग्रवाल ने कहा है कि सिंह के इशारे पर बर्खास्त पुलिस अधिकारी सचिन वाझे उगाही करते थे। हलफनामे में अग्रवाल ने सिंह व वाझे के खिलाफ उचित कार्रवाई करने का आग्रह भी किया है। 30 अगस्त 2021 को कमेटी के सामने इस पूरे प्रकरण को लेकर सुनवाई होनेवाली है। 

गौरतलब है कि हाल ही में अग्रवाल ने सिंह व वाझे सहित 6 लोगों के खिलाफ गोरेगांव पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कराई थी। जिसमें अग्रवाल ने आईपीएस सिंह पर उगाही का आरोप लगाया है। अग्रवाल की शिकायत के मुताबिक आरोपियों ने उसके दो बार व रेस्टोरेंट पर छापेमारी की कार्रवाई न करने के लिए नौ लाख रुपए लिए थे। इसके अलावा आरोपियों ने उसे दो लाख 92 हजार रुपए के दो स्मार्टफोन लेने के लिए मजबूर किया था। यह घटना जनवरी 2020 से मार्च 2021 के बीच हुई है। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने इस मामले में 6 आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 384, 385 व 34 के खिलाफ मामला दर्ज किया है।