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पिता के नाम पर सियासी जमीन तलाशेंगी पंकजा, कहा- अब संघर्ष की अग्नि से बाहर निकलने का वक्त

पिता के नाम पर सियासी जमीन तलाशेंगी पंकजा, कहा- अब संघर्ष की अग्नि से बाहर निकलने का वक्त

डिजिटल डेस्क, मुंबई। विधानसभा चुनाव हारने और उसके बाद विधान परिषद का टिकट नहीं मिलने से नाराज चल रहीं भाजपा नेता व पूर्व मंत्री पंकजा मुंडे अब राज्यभर का दौरा करेंगी। पंकजा अब गोपीनाथ मुंडे प्रतिष्ठान के जरिए अपनी जमीन तलाशेंगी। गोपीनाथ मुंडे प्रतिष्ठान के राज्य, जिला, तहसील और गांव स्तर पर समन्वयक बनाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि अब संघर्ष की अग्नि से बाहर निकलूंगी। बुधवार को पंकजा ने अपने पिता तथा भाजपा के वरिष्ठ नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री दिवंगत गोपीनाथ मुंडे की पुण्यतिथि पर यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि मुझे दुख है कि कोरोना संकट के कारण मैं अपने पिता को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए गोपीनाथ गड पर नहीं जा सकी। पंकजा ने कहा कि मैं कोरोना संकट के बाद राज्य का दौरा करूंगी। विधानसभा चुनाव में हार से निराश होने वालों में से नहीं हूं मेरे शरीर में मुंडे का खून है। मैं नए सिरे से दुबारा शुरुआत करूंगी।

पंकजा ने कहा कि मीडिया में मेरी भाजपा छोड़ने की खबरें आती रहती हैं, लेकिन मुझे क्या करना है, यह मैं और मेरे समर्थक तय करेंगे। पंकजा ने कहा कि मैं पीठ में छुरा मारने वाले की औलाद नहीं हूं। लोकतंत्र में जनता नेता को नकार देती है, लेकिन नेता जनता को नहीं नकार सकता। पंकजा ने कहा कि परली सीट पर मेरी हार की चर्चा हुई, लेकिन परली सीट पर जीतने वाले की चर्चा नहीं हुई। पंकजा का इशारा राज्य के सामाजिक न्याय मंत्री व अपने चचेरे भाई धनंजय मुंडे की ओर था। 

पंकजा ने कहा कि बीते पांच सालों में सत्ता में रहने के बावजूद मैंने संघर्ष का सामना किया। कई आरोप लगाए गए पर मैं निराश नहीं हुई। पंकजा ने कहा कि मुझे पता है कि मेरे विरोधियों ने मुझे इस बात के लिए बदनाम किया कि मैं किसी का फोन नहीं रिसीव करती। राजनीति में मेरी एकमात्र चूक बताई जाती है कि मैं लोगों से बात नहीं करती हूं। इसलिए मैं अब ज्यादा से ज्यादा लोगों से बात करने का प्रयास करूंगी। पंकजा ने कहा कि विधान परिषद चुनाव के दौरान लोगों ने पूछा कि आप शांत क्यों हैं, लेकिन शांति से ही अगला फैसला लिया जा सकता है। 

अमित शाह से करुंगी मुलाकात

पंकजा ने कहा कि 1984 के बाद विधानसभा चुनाव में मुंडे को भी हार मिले थी। हार के बाद वह प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष बने थे। उसके बाद उन्होंने पूरे महाराष्ट्र का दौरा किया था। मैं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात करूंगी। उन्होंने कहा कि मेरा राकांपा अध्यक्ष शरद पवार और मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से संवाद है। कांग्रेस नेताओं से मेरे अच्छे संबंध हैं। पंकजा ने कहा कि मुंडे ने किसी के सामने झुकना नहीं सिखाया। इसलिए उनकी पुण्यतिथि को संघर्ष दिवस के रूप में मनाया है। 


 

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