दैनिक भास्कर हिंदी: राज्य शिक्षण शुल्क अधिनियम में होगा बदलाव, फीस वृद्धि की शिकायत कर सकेंगे अभिभावक

December 7th, 2017

डिजिटल डेस्क, मुंबई। प्रदेश में स्कूलों के मनमाने तरीके से फीस बढ़ोतरी के खिलाफ अब अभिभावक शिकायत कर सकेंगे। इसके साथ अभिभावक-शिक्षक संघ (पीटीए) में अब अभिभावकों का पलड़ा भारी रहेगा। संघ में अभिभावकों की संख्या शिक्षकों के मुकाबले दोगुनी होगी। बुधवार को प्रदेश के शिक्षा मंत्री विनोद तावड़े को बाम्बे हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज जस्टिस वी जी पलशीकर की अध्यक्षता वाली समिति ने अपनी रिपोर्ट सौंपी। तावड़े ने कहा कि मार्च 2018 के पहले अधिनियम में संशोधन किया जाएगा। प्रदेश सरकार की तरफ से शिक्षण शुल्क अधिनियम कि खामियों को दूर करने और विभिन्न पहलुओं पर सिफारिश करने के लिए पलशीकर समिति गठित की गई थी। तावड़े ने कहा कि समिति ने कई सिफारिशें की हैं। जिसमें मुख्य रूप से फीस बढ़ोतरी के संबंध में है। यदि कोई स्कूल 15 प्रतिशत से ज्यादा फीस बढ़ाता है तो अभिभावक-शिक्षक संघ जिला शुल्क नियामक समिति (डीएफआरसी) के पास शिकायत कर सकेंगे। इसके लिए संघ के बहुमत की जरूरत होगी।

अधिनियम में होगा बदलाव

अधिनियम में अभी तक अभिभावकों को शिकायत करने का अधिकार नहीं था। समिति ने इसके अतिरिक्त नियमों का उल्लंघन करने वाले शिक्षा संस्थानों के खिलाफ सजा बढ़ाए जाने समेत कई सिफारिशें की हैं। शिक्षा विभाग की तरफ से संबंधित सिफारिशों पर अध्ययन करके अधिनियम में बदलाव किया जाएगा। जून से शुरू होने वाले नए शैक्षणिक वर्ष में इसको लागू किया जाएगा। तावड़े ने बताया कि पिछले साल फीस बढ़ाने पर स्कूल और अभिभावकों के बीच काफी विवाद हुआ था। इसके मद्देनजर सरकार ने 6 मई 2017 को पलशीकर समिति का किया था। सात महीने में समिति ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है।

पीटीए में दोगुनी होगी अभिभावकों की संख्या 

तावड़े ने कहा अब अभिभावक-शिक्षक संघ में अभिभावकों की संख्या दोगुनी होगी। हर कक्षा से एक शिक्षक के अनुपात में दो अभिभावकों को शामिल किया जाएगा। यानी कक्षा 10 तक का स्कूल होने पर 10 शिक्षक और 20 अभिभावक पीटीए में शामिल होंगे। अभी तक हर कक्षा से एक शिक्षक और एक अभिभावकों का समावेश किया जाता था। तावड़े ने कहा कि अभिभावकों की शिकायतों के बाद संघ में उनकी संख्या बढ़ाई जा रही है।