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अभिभावकों के व्यवहार से आहत लड़की को पुलिस ने बाल कल्याण कमेटी  के पास भेजा

अभिभावकों के व्यवहार से आहत लड़की को पुलिस ने बाल कल्याण कमेटी  के पास भेजा

डिजिटल डेस्क, मुंबई। माता-पिता द्वारा छोटे भाई को ज्यादा प्यार मिलने से नाराज एक 16 साल की नाबालिग  लड़की अपने दिल्ली के नरेला इलाके में स्थित घर से भाग निकली। वह पिछले एक साल से ज्यादा समय से ठाणे जिले के कल्याण इलाके में एक संस्था में रह रही थी। ठाणे पुलिस ने कड़ी मशक्कत कर लड़की के माता-पिता को तो खोज निकाला लेकिन उनकी हरकतों से आहत लड़की उनके साथ अब भी जाने को तैयार नहीं है। इसके बाद लड़की को दिल्ली स्थित बाल कल्याण समिति के पास भेजा गया है जो उसे समझा बुझाकर फिर माता-पिता के पास रहने के लिए तैयार करने की कोशिश करेगी।

दरअसल पुलिस बाल कल्याण संस्थाओं में जाकर अक्सर वहां रहने वाले बच्चों के बारे में जानकारी हासिल कर उनके माता-पिता को खोजने की कोशिश करती है। ठाणे अपराध शाखा में तैनात महिला पुलिस सिपाही माधुरी जाधव और तेजश्री शेलके यह जिम्मा संभालतीं हैं। इसी कड़ी में दोनों पुलिसकर्मी ठाणे में स्थित नवज्योति ट्रस्ट में रह रही एक नाबालिग लड़की से मिलीं। दोनों ने लड़की से उसके अभिभावकों और परिवार वालों के बारे में पूछा लेकिन उसने कहा कि उसके माता-पिता की मौत हो गई है और चाचा-चाची उसे प्रताड़ित करते थे इसलिए वह घर से भाग आई। लड़की अपने बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दे रही थी लेकिन सिपाहियों ने अपनी कोशिश जारी रखी और कई बार मुलाकात कर धीरे-धीरे लड़की का भरोसा जीता।

बातचीत के दौरान लड़की ने अपने नरेला इलाके के स्कूल का नाम बताया जहां वह पढ़ती थी। इसके बाद ठाणे पुलिस ने उस स्कूल से संपर्क किया तो वहां से जानकारी मिली कि उस नाम की कोई लड़की वहां नहीं पढ़ती थी। लेकिन जब लड़की की तस्वीर उन्हें भेजी गई तो उन्होंने बताया कि लड़की का नाम कुछ और है। लड़की का सही नाम पता चलने के बाद नरेला पुलिस स्टेशन से संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि लड़की के माता-पिता जिंदा हैं और उन्होंने 9 जुलाई 2018 को उसके अपहरण की शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद नरेला पुलिस के साथ माता-पिता के साथ ठाणे पहुंचे। इंस्पेक्टर रणबीर बयस ने बताया कि लड़की को उनके माता-पिता को सौंप दिया गया है। 

माता-पिता जाने को तैयार नहीं लड़की
नाबालिग अपने माता पिता से इस बात से नाराज थी कि लड़की होने के चलते उसके साथ दोयम दर्जे का व्यवहार किया जाता है और उसके भाई की हर जरूरत का खयाल रखा जाता है। उसका सपना एयरहोस्टेस बनने का है लेकिन 10वीं में फेल होने के बाद उसके माता-पिता ने उसके रिश्ते की बात शुरू कर दी थी। इसी से नाराज होकर वह घर से भाग निकली। लड़की फिलहाल अपने माता-पिता के साथ जाने को तैयार नहीं थी इसलिए उसे दिल्ली के रोहिणी में स्थित बाल कल्याण समिति के पास रखने को कहा गया है। वहां लड़की को समझाने बुझाने की कोशिश की जाएगी। 

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