दैनिक भास्कर हिंदी: बिटक्वाइन ठगी : हजार करोड़ के ठगबाज को सिंगापुर से नागपुर लाने की तैयारी

August 7th, 2018

डिजिटल डेस्क, नागपुर। भारत में बिटक्वाइन की आड़ में करीब एक हजार करोड़ रुपए से निवेशकों को ठगा गया है। मामले में आरोपी को नागपुर लाने की तैयारी बताई जा रही है। बताया जाता है कि कई निवेशक नागपुर के भी हैं। फिलहाल आधा दर्जन लोग ही सामने आए हैं। उन्हें भी लाखों रुपए से ठगा गया है। गणेशपेठ थाने में प्रकरण दर्ज कर अपराध शाखा के आर्थिक विभाग को इसकी जांच सौपी गई है। बिटक्वाइन संचालक ने सिंगापुर में बैठ कर ठगी को अंजाम दिया है। 

सूत्रधार अमित भारद्वाज
घटना का सूत्रधार अमित भारद्वाज सिंगापुर का निवासी है। कुछ वर्ष पहले उसने गेन बिटक्वाइन नामक कंपनी की स्थापना की थी। इसके लिए देश-विदेश में बड़े पैमाने में एजेंटो की नियुक्ति की गई थी। एजेंटों के माध्यम से ही देश-विदेश में बिटक्वाइन का जाल फैलाया गया। 20 नवंबर 2016 को यह कंपनी नागपुर में भी आई। होटल राहुल डिलक्स और विदर्भ हिंदी साहित्य संघ के सभागृह में इसके सम्मेलन भी हुए थे। सम्मेलन में मार्गदर्शन करने के लिए कंपनी के एजेंट इंद्रजीत बोरा और हेमंत सूर्यवंशी दोनों पूर्णा निवासी आए थे। उस समय निवेशकों को बताया गया था कि बिटक्वाइन क्रिप्टो करेंसी है। इसमें निवेश करने पर बहुत ही कम समय में ज्यादा से ज्यादा रुपए कमाया जा सकता है। लालच में आकर कई लोग कंपनी से जुड़ गए अौर लाखों रुपए इसमें निवेश किया। 

चेन पर भी मिलने वाला था  5 प्रतिशत कमीशन  
निवेशकों की चेन बनाने पर इन लोगों को कंपनी से जोड़ने वाले व्यक्ति के खाते में 5 प्रतिशत कमीशन जमा होने का झांसा दिया। अपराध शाखा के आर्थिक विभाग के अनुसार इस तरह से नागपुर में भी कंपनी के लगभग 200 निवेशक थे। निवेश करने के बाद निवेशकों को उनका लाभ कंपनी के वेबसाइट पर तो दर्शाया जा रहा था, लेकिन इसे वह अपने खाते में जमा नहीं कर पा रहे थे। कुछ दिनों बाद कंपनी ने वेबसाइट ही बंद कर दी। वेबसाइट के बंद होने से निवेशकों में भय का माहौल बना। उन्हें अपनी रकम डूबती नजर आई, जिससे मामला थाने पहुंचा। अभी तक मात्र आधा दर्जन ही निवेशक सामने आए हैं। उन्हें 8 लाख 79 हजार 555 रुपए से ठगा गया है।

आरोपी को नागपुर लाने की तैयारी
गेन बिटक्वाइन के संचालक अमित भारद्वाज के खिलाफ विदेश के अलावा भारत में भी कई शहरों में अापराधिक प्रकरण दर्ज हैं। उसने करीब एक हजार करोड़ रुपए से निवेशकों को ठगा है। वर्तमान में संचालक अमित पुणे के जेल में बंद है। नागपुर में भी प्रकरण के उजागर होने से अब स्थानीय पुलिस प्रोडक्शन वारंट के आधार पर अमित को गिरफ्तार कर नागपुर लाने की तैयारी में है। इससे पुणे के बाद अमित अब नागपुर के भी जेल की हवा खाएगा। आर्थिक विभाग की उपायुक्त श्वेता खेडकर के मार्गदशर्न में बी.एस. नरके जांच कर रहे हैं।