दैनिक भास्कर हिंदी: जेल में बंद कैदी को निर्वस्त्र कर पीटा ,भाईदूज पर नहीं मिलने दिया बहन व माँ को - आरोप

October 30th, 2019

डिजिटल डेस्क पन्ना। जिला जेल में बंदी एक युवक की मां द्वारा कैदी के साथ दौड़ा-दौड़ा कर मारपीट करने और अभद्रता किये जाने का आरोप लगाते हुये न्यायाधीश पन्ना, कलेक्टर पन्ना तथा एसपी पन्ना को लिखित शिकायती आवेदन पत्र देकर कार्रवाई की मांग की गई है । बंदी युवक की मां ने पुत्र के साथ उत्प्रीडऩ की घटना को लेकर मानव अधिकार को भी शिकायत प्रेषित की है।
प्रहरियों ने माँ के साथ की अभद्रता
 इस संबंध में शिकायत कर्ता श्रीमती रामजानकी सिंह उम्र 42 वर्ष निवासी पुराना पन्ना ने अपने आवेदन में आरोप लगाया है कि उसके पुत्र सुरजीत सिंह को आईपीसी की धारा 307, 34 के तहत न्यायालय द्वारा दोषसिद्ध किया जाकर 5 वर्ष के सश्रम कारावास से दण्डित किया गया है जो पन्ना जेल में सजा काट रहा है। श्रीमती रामजानकी सिंह ने बताया कि जब वह 26 अक्टूबर को जेल में अपने पुत्र से मिलने गयी तो प्रहरियों द्वारा उसे मिलने नहीं दिया गया और कहा कि एक माह तक बंदी सुरजीत से मिलाई नहीं होगी। जिस पर उसने कारण पूछा, परंतु बिना कोई कारण बताये अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुये उसे जेल से भगा दिया गया। इसके दो दिन बाद सुरजीत की मां भाईदूज पर अपनी पुत्री निकिता सिंह को साथ लेकर सुरजीत से मिलने व उसका टीका कराने पहुंची। परंतु जेल प्रहरियों ने उसे बताया कि बड़े साहब का आदेश है सुरजीत से एक माह तक कोई मिलाई नहीं होगी। निकिता सिंह द्वारा अपने भाई सुरजीत का टीका करने व ठण्ड शुरू होने के चलते उसे गरम कपड़े पहुंचाने की भी फरियाद जेल कर्मियों से की गयी, परंतु प्रहरियों द्वारा उसे व उसकी मां को डांटते हुये अपमानित कर भगा दिया गया। 
कैदी से की थी बीस हजार रू. की मांग
इस पर बंदी सुरजीत की मां को शंका हुई, जिस पर उसने अन्य कैदियों व उनसे मिलने पहुंचे परिजनों व रिश्तेदारों से बातचीत की, तो उसे पता चला कि जेल अधीक्षक दिनेश कुमार इमले, आरक्षक वीरेन्द्र कौशिक, जगत नारायण शर्मा एवं मोहन दास पचौरी द्वारा जेल में टीवी रिचार्ज कराने व अन्य सुविधाओं के नाम पर बंदियों से वसूली की जाती है और सुरजीत से 20 हजार रूपये की मांग की गयी थी, जिसे सुरजीत ने देने से इंकार कर दिया और इन लोगों की शिकायत करने के लिये कहा । इसी बात को लेकर अधीक्षक दिनेश कुमार इमले, आरक्षक वीरेन्द्र कौशिक, जगत नारायण शर्मा एवं मोहन दास पचौरी द्वारा रात के वक्त शराब के नशे में लॉक से निकालकर सुरजीत को निर्वस्त्र कर लाठियों से दौड़ा दौड़ा क र पीटा । इस मारपीट की वजह से सुरजीत चलने में असमर्थ है और उसे अंधेरे कमरे में भूखा-प्यासा रखा गया है और उसका उपचार भी नहीं कराया जा रहा है। यही वजह है कि सुरजीत की मिलाई पर रोक लगाई गयी है।