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जेल में बंद कैदी को निर्वस्त्र कर पीटा ,भाईदूज पर नहीं मिलने दिया बहन व माँ को - आरोप

जेल में बंद कैदी को निर्वस्त्र कर पीटा ,भाईदूज पर नहीं मिलने दिया बहन व माँ को - आरोप

डिजिटल डेस्क पन्ना। जिला जेल में बंदी एक युवक की मां द्वारा कैदी के साथ दौड़ा-दौड़ा कर मारपीट करने और अभद्रता किये जाने का आरोप लगाते हुये न्यायाधीश पन्ना, कलेक्टर पन्ना तथा एसपी पन्ना को लिखित शिकायती आवेदन पत्र देकर कार्रवाई की मांग की गई है । बंदी युवक की मां ने पुत्र के साथ उत्प्रीडऩ की घटना को लेकर मानव अधिकार को भी शिकायत प्रेषित की है।
प्रहरियों ने माँ के साथ की अभद्रता
 इस संबंध में शिकायत कर्ता श्रीमती रामजानकी सिंह उम्र 42 वर्ष निवासी पुराना पन्ना ने अपने आवेदन में आरोप लगाया है कि उसके पुत्र सुरजीत सिंह को आईपीसी की धारा 307, 34 के तहत न्यायालय द्वारा दोषसिद्ध किया जाकर 5 वर्ष के सश्रम कारावास से दण्डित किया गया है जो पन्ना जेल में सजा काट रहा है। श्रीमती रामजानकी सिंह ने बताया कि जब वह 26 अक्टूबर को जेल में अपने पुत्र से मिलने गयी तो प्रहरियों द्वारा उसे मिलने नहीं दिया गया और कहा कि एक माह तक बंदी सुरजीत से मिलाई नहीं होगी। जिस पर उसने कारण पूछा, परंतु बिना कोई कारण बताये अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुये उसे जेल से भगा दिया गया। इसके दो दिन बाद सुरजीत की मां भाईदूज पर अपनी पुत्री निकिता सिंह को साथ लेकर सुरजीत से मिलने व उसका टीका कराने पहुंची। परंतु जेल प्रहरियों ने उसे बताया कि बड़े साहब का आदेश है सुरजीत से एक माह तक कोई मिलाई नहीं होगी। निकिता सिंह द्वारा अपने भाई सुरजीत का टीका करने व ठण्ड शुरू होने के चलते उसे गरम कपड़े पहुंचाने की भी फरियाद जेल कर्मियों से की गयी, परंतु प्रहरियों द्वारा उसे व उसकी मां को डांटते हुये अपमानित कर भगा दिया गया। 
कैदी से की थी बीस हजार रू. की मांग
इस पर बंदी सुरजीत की मां को शंका हुई, जिस पर उसने अन्य कैदियों व उनसे मिलने पहुंचे परिजनों व रिश्तेदारों से बातचीत की, तो उसे पता चला कि जेल अधीक्षक दिनेश कुमार इमले, आरक्षक वीरेन्द्र कौशिक, जगत नारायण शर्मा एवं मोहन दास पचौरी द्वारा जेल में टीवी रिचार्ज कराने व अन्य सुविधाओं के नाम पर बंदियों से वसूली की जाती है और सुरजीत से 20 हजार रूपये की मांग की गयी थी, जिसे सुरजीत ने देने से इंकार कर दिया और इन लोगों की शिकायत करने के लिये कहा । इसी बात को लेकर अधीक्षक दिनेश कुमार इमले, आरक्षक वीरेन्द्र कौशिक, जगत नारायण शर्मा एवं मोहन दास पचौरी द्वारा रात के वक्त शराब के नशे में लॉक से निकालकर सुरजीत को निर्वस्त्र कर लाठियों से दौड़ा दौड़ा क र पीटा । इस मारपीट की वजह से सुरजीत चलने में असमर्थ है और उसे अंधेरे कमरे में भूखा-प्यासा रखा गया है और उसका उपचार भी नहीं कराया जा रहा है। यही वजह है कि सुरजीत की मिलाई पर रोक लगाई गयी है। 

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।