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थमी बारिश फिर भी बाढ़ बरकरार, संजय सरोवर के पानी से बढ़ी परेशानी  

थमी बारिश फिर भी बाढ़ बरकरार, संजय सरोवर के पानी से बढ़ी परेशानी  

डिजिटल डेस्क, चंद्रपुर। बारिश से वैनगंगा का जलस्तर बढऩे के कारण लगातार तीन दिन से गोसीखुर्द प्रकल्प का पानी छोड़ा जा रहा है। साथ ही मध्यप्रदेश के संजय सरोवर से छोड़े जा रहे पानी की वजह से विदर्भ के तीन जिले इस समय बाढ़ से बुरी तरह से प्रभावित हैं। जबकि बारिश थम चुकी है। चंद्रपुर, गड़चिरोली तथा भंडारा जिले के नागरिक अभी भी बाढ़ से जूझ रहे हैं। जिला मुख्यालयों समेत अनेक गांव जलमग्न हो चुके हैं। कई गांवों यहां तक कि शहरों का संपर्क भी कटा हुआ है। 

चंद्रपुर जिले में गोसीखुर्द प्रकल्प से पानी छोड़े जाने के कारण ब्रह्मपुरी तहसील के करीब 13 गांव जलमग्न हैं। इसी बीच तहसील में गोसीखुर्द प्रकल्प की मुख्य नहर और उसकी उपनहर में तीन जगह से दरार पड़ गई है। यह नहर चौगान किन्ही, रनमोचन, खरकाड़ा के पास ब्रेक हुई है। इस कारण परिसर के अनेक गांव जलमग्न हो गए हैं। साथ ही हजारों हेक्टेयर धान की फसल बर्बाद हो गई है। सूचना मिलते ही गोसीखुर्द के गेट बंद कर दिए गए लेकिन पानी का बहाव कम नहीं हुआ। जिससे परिसर में जलस्तर बढ़ता ही जा रहा है। सोमवार रात जलस्तर कम होने की उम्मीद थी लेकिन मध्यप्रदेश के संजय सरोवर से भी पानी छोड़े जाने के कारण यहां दबाव बढऩे की आशंका पैदा हो गई है। बाढ़ से तहसील में भारी नुकसान होने की जानकारी मिली है। किसानों की फसलें तबाह हो गईं, मवेशी बह गए, अनेक लोग बेघर हो गए। प्रशासन राहत कार्य में जुटा हुआ है।

गड़चिरोली जिले में भी गोसीखुर्द प्रकल्प से छोड़े जा रहे पानी के कारण वैनगंगा समेत उपनदियां और नाले उफान पर हैं। वैनगंगा नदी से सटे देसाईगंज शहर में बाढ़ का पानी घुस जाने से लगभग आधा शहर जलमग्न हो चुका है। अनेक परिवारों को सुरक्षित स्थल पर स्थानांतरित किया गया है। इसके अलावा आरमोरी शहर के भी कुछ हिस्सों में बाढ़ का पानी घुस गया है। बाढ़ के कारण जिले के 13 मार्ग बंद पड़े हैं। अनेक गांवों का संपर्क टूट चुका है। गड़चिरोली जिला मुख्यालय के समीप से बहनेवाली कठानी नदी में आयी बाढ़ का पानी गड़चिरोली शहर में घुस आया जिससे कुछ इलाके जलमग्न हो गए। करीब 25 परिवारों को अन्यत्र स्थानांतरित किया गया।

भंडारा जिले में वैनगंगा नदी का पानी धीमी गति से कम हो रहा है लेकिन फिर भी कई इलाके सोमवार को भी पानी में डूबे रहे। भोजापुर परिसर के कुछ इलाकों से नागरिकों को अन्यत्र स्थानांतरित किया गया। शहर की बीटीबी सब्जी मंडी जलमग्न हो जाने के कारण सब्जियों के वाहन तक पानी में पूरी तरह से डूबे रहे। सब्जियां पानी में तैरती नजर आयीं। वैनगंगा नदी का जलस्तर घटने के बावजूद बाढ़ की स्थिति में किसी तरह का कोई बदलाव नजर नहीं आया। सोमवार को मध्यप्रदेश के संजय सरोवर से भी पानी छोड़े जाने के कारण बाढ़ से नागरिकों को राहत नहीं मिल पायी।

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