दैनिक भास्कर हिंदी: अब डिजिटल होगा कोर्ट का रिकार्ड, सरकार उठा रही बड़ा कदम

November 17th, 2017

डिजिटल डेस्क, मुंबई। कोर्ट के रिकार्ड रखने के लिए जगह की कमी के मद्देनजर अब कागजातों को डिजिटल स्वरुप में सुरक्षित किया जाएगा। शुक्रवार को राज्य सरकार की ओर से पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल साखरे ने बांबे हाईकोर्ट को जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार इसके लिए सभी जरुरी संसाधन जुटा रही है। इसका खर्च सरकार के लिए कोई बड़ी परेशानी नहीं है। साखरे ने कोर्ट के लिए जरूरी सुविधाएं देने के मुद्दे को लेकर दायर याचिकाओं पर जस्टिस अभय ओक और जस्टिस एके मेनन की खंडपीठ को जानकारी दी।

डिजिटली सुरक्षित होगा कोर्ट का रिकार्ड 

इस दौरान साखरे ने कहा कि को-आपरेटिव कोर्ट के रिकार्ड को डिजिटल स्वरुप किया जाएगा। इस बीच याचिकाकर्ता के वकील उदय वारुंजेकर ने कहा कि राज्य के उपभोक्ता आयोग में ई फाइलिंग की व्यवस्था की गई है। लेकिन वहां के स्टाफ को पर्याप्त प्रशिक्षण नहीं दिया गया। जिससे कामकाज में काफी दिक्कत आ रही है। इसलिए जरुरी है कि रिकार्ड डिजिटल करने के लिए सभी जरुरी संसाधन जुटाने के बाद रिकार्ड को डिजिटल करने के काम को आगे बढ़ाया जाए। 

ई फाइलिंग के लिए दी जाएगी ट्रेनिंग
 
साखरे ने कहा कि उपभोक्ता आयोग के कर्मचारियों को ई फाइलिंग को लेकर कोई दिक्कत न हो, इसके लिए एक कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। जिसमें उन्हें जरुरी ट्रेनिंग दी जाएगी। इन दलीलों को सुनने के बाद खंडपीठ ने कहा कि सरकारी वकील अगली सुनवाई के दौरान रिकार्ड को डिजिटल करने की सारी जानकारी उपलब्ध कराएं। खंडपीठ ने फिलहाल मामले की सुनवाई 22 नवंबर तक के लिए स्थगित कर दी है।