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अभी सिनेमा घरों की तरफ रुख नहीं कर रहे दर्शक, फिल्मों का भी है टोटा

अभी सिनेमा घरों की तरफ रुख नहीं कर रहे दर्शक, फिल्मों का भी है टोटा

डिजिटल डेस्क, मुंबई। सात महीने के लॉकडाउन के बाद राज्य में इसी महीने की पांच तारीख से सिनेमाघरोंव मल्टीप्लेक्स को शुरू करने की इजाजत तो दे दी गई है लेकिन नई फिल्मे और दर्शक अब भी सिनेमाघरों से नदारद हैं। कोरोना संक्रमण के चलते फिलहाल 50 फीसदी दर्शकों के साथ ही सिनेमाघर शुरू करने की इजाजत है लेकिन मौजूदा हालत में पांच फीसदी दर्शक भी फिल्म देखने नहीं पहुंच रहे हैं। लॉकडाउन खुलने के बाद रविवार को रिलीज हो रही फिल्म "सूरज पर मंगल भारी’ से अब सिनेमाघर और मल्टिप्लेक्समालिकों को दर्शकों के वापस लौटने की उम्मीद है।आईनोेक्स के प्रवक्ता पुनीत गुप्ता ने "दैनिक भास्कर’ को बताया कि गुरूवार से मल्टिप्लेक्स आम दर्शकों के लिए खोले गए हैं। फिलहाल हॉलीवुड की कुछ फिल्मों और पुरानी हिंदी फिल्में ही दिखाई जा रही हैं। इसलिए दर्शकों की संख्या उम्मीद के मुताबिक नहीं है। 

25 साल बाद भी मिल रहे इस फिल्म को दर्शक

फिलहाल सबसे ज्यादा दर्शक 25 साल पुरानी फिल्म "दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ को मिल रहे हैं। उन्होंने बताया कि सरकार ने 5 नवंबर से कुछ शर्तों के साथ मल्टिप्लेक्स और सिनेमाघर खोलने की इजाजत दे दी लेकिन कोरोना संक्रमण से जुड़े नियमों के पालन की तैयारी के लिए हमें कुछ दिन और लगे। इसके बाद राज्य के कुछ मल्टिप्लेक्स खोले गए लेकिन फिलहाल दर्शकों की संख्या बेहद सीमित है। पुनीत ने उम्मीद जताई कि मनोज वाजपेयी, दिलजीत दोसांझ और फातिमा सना शेख जैसे कलाकारों की फिल्म दर्शकों को मल्टीप्लेक्स तक खीचने में कामयाब होगी। 

लॉकडाउन के दौरान ज्यादातर निर्माताओं ने अपनी फिल्में ओटीटी प्लेटफार्म पर रिलीज कर दी इससे भी सिनेमाघरों के प्रति दर्शकों का रुझान कम हुआ। आईपीएल के चलते भी सिनेमाघरों के खुलने के शुरूआती दिनों में कम दर्शक पहुंचे। पीवीआर के साथ जुड़े अरविंद शुक्ला ने बताया कि वे फिलहाल पुणे में हैं और प्रबंधन ने यहा मल्टीप्लेक्स खोलने की इजाजत नहीं दी है। दर्शकों की संख्या कम है ऐसे में शायद खर्च भी निकलना मुश्किल होगा। कोरोना संक्रमण के डर के चलते आम लोग फिलहाल सिनेमाघरों की ओर कम रुख कर रहे हैं। लेकिन उम्मीद है कि अच्छी फिल्मों की वापसी और संक्रमण के कम होने पर सिनेमाघरों और मल्टीप्लेक्स में फिर रौनक लौटेगी।

मल्टिप्लेक्स चैन चलाने वाली एक कंपनी से जुड़े प्रदीप मिश्र बताते हैं कि हमारी कंपनी किराए पर थियेटर लेकर उसे चलाने का काम करती है। फिलहाल कोरोना संक्रमण के डर से अभी भी लोग थियेटर आने को लेकर उत्साहित नहीं दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में थियेटर शुरु करने पर किराया पूरा भरना पड़ेगा जबकि दर्शकों की संख्या अभी बहुत कम रहेगी। इस लिए फिलहाल हम स्थिति सामान्य होने का इंतजार कर रहे हैं। 
 

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।