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संघ चाहता है शिवसेना ले उपमुख्यमंत्री पद, वडेट्टीवार बोले बीजेपी होगी सत्ता से दूर और बदलेगी सियासी तस्वीर

November 06th, 2019 21:49 IST
संघ चाहता है शिवसेना ले उपमुख्यमंत्री पद, वडेट्टीवार बोले बीजेपी होगी सत्ता से दूर और बदलेगी सियासी तस्वीर

डिजिटल डेस्क, नागपुर। मुख्यमंत्री पद को लेकर राज्य में चल रहे राजनीतिक घटनाक्रम पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व प्रवक्ता व विचारक मा.गो वैद्य ने कहा है कि वे निजी तौर पर मानते हैं कि ढाई साल के मुख्यमंत्री का फार्म्यूला ठीक नहीं है। यह फार्म्यूला न तो उन्हें मंजूर है न ही भाजपा मानेगी। वैद्य ने यह भी कहा कि शिवसेना ने उपमुख्यमंत्री पद लेना चाहिए साथ ही अन्य कुछ विभाग पर चर्चा की जा सकती है। मंगलवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने संघ मुख्यालय में सरसंघचालक डॉ.माेहन भागवत से मुलाकात की। वैद्य का मानना है कि सरसंघचालक ने फडणवीस को सत्ता के गठन के बारे में कुछ नहीं कहा होगा। सामान्य तौर पर सरसंघचालक किसी भी राजनीतिक दल को सत्ता के गठन के बारे में कोई सूचना या आदेश नहीं देते हैं। अयोध्या मामले को न्यायालय का निर्णय आनेवाला है। संघ जनता से संयम व कानून के पालन का आव्हान कर रहा है। संभव है मुख्यमंत्री ने अयोध्या मामले पर संभावित स्थिति के संबंध में सरसंघचालक से चर्चा की । वैद्य ने कहा कि शिवसेना भाजपा के साथ न रहे और सत्ता का पेंच न सुलझे तो भाजपा ने सरकार गठन करना चाहिए। बाद में विश्वासमत पेश करने की तैयारी हो। विश्वासमत प्रस्ताव नामंजूर होने की स्थिति में राष्ट्रपति शासन लगेगा। उसके 6 माह बाद चुनाव हो सकते हैं। लेकिन फिलहाल अनेकों की इच्छा है कि महायुति की सत्ता आए। शिवसेना उपमुख्यमंत्री पद के लिए तैयार हो जाए तो राज्य में कुछ महत्वपूर्ण विभाग, केंद्र में दो मंत्री पद, दो राज्यपाल व विधानपरिषद में कुछ स्थान देने के विषय पर सकारात्मक चर्चा हो सकती है।

अनुमान लगाना योग्य नहीं

वैद्य ने कहा कि शिवसेना व राष्ट्रवादी कांग्रेस के गठबंधन की सरकार बनने का अनुमान लगाना योग्य नहीं है। कांग्रेस का समर्थन नहीं मिल पाएगा। कर्नाटक की राजनीति का जिक्र करते हुए कहा कि सहयोगी दलों के निर्णय के बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता है। कर्नाटक में कुमारस्वामी विधायकों की संख्या कम होने पर भी कांग्रेस के समर्थन से सरकार बनायी।

गडकरी की चर्चा में तथ्य नहीं

मुख्यमंत्री पद को लेकर नितीन गडकरी के नाम की चर्चा पर वैद्य ने कहा कि गडकरी को मुख्यमंत्री बनाने का प्रश्न ही नहीं है। भाजपा के विधायक दल के नेता देवेंद्र फडणवीस चुने गए हैं। गडकरी महाराष्ट्र की राजनीति में नहीं लौटेंगे।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।