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मतदान से पहले जिले में धारा 137 लागू, 89% वोटर स्लिप बांटने का दावा

October 20th, 2019 17:37 IST
मतदान से पहले जिले में धारा 137 लागू, 89% वोटर स्लिप बांटने का दावा

डिजिटल डेस्क, नागपुर। जिलाधीश व जिला चुनाव निर्णय अधिकारी रवींद्र ठाकरे ने कहा कि 4412 मतदान केंद्रों में से 2104 पर दिव्यांग भी वोट डालेंगे। इनके लिए 1540 ह्वीलचेयर की व्यवस्था की गई है। 12 हजार 87 दिव्यांग व वरिष्ठ नागरिकों को मतदान केंद्र पर बैठने की व्यवस्था होगी। ये चाहेंगे तो बिना लाइन में खड़े हुए भी मतदान कर सकते हैं। 

89% वोटर स्लिप बांटने का दावा

जिलाधीश कार्यालय में पत्रकारों से चर्चा के दौरान श्री ठाकरे ने कहा कि चुनाव प्रचार खत्म हाे गया है आैर अब धारा 137 लागू हो गई है, जो 22 अक्टूबर की शाम 6 बजे तक लागू रहेगी। इस दौरान 5 से ज्यादा लोग एक जगह जमा होने या घूमने पर पाबंदी रहेगी। चुनाव प्रचार करते हुए पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। 4412 में से 443 मतदान केंद्रों की लाइव (सीधे) मॉनिटरिंग की व्यवस्था की गई है। 89 फीसदी वोटर तक वोटर स्लिप पहुंचने का दावा किया गया। 11 लाख से ज्यादा वोटर गाइड (पुस्तिका) है, जिसमें चुनाव संबंधी जानकारी उपलब्ध है। अभी एक्जिट पोल पर पाबंदी है आैर यह दिखानेवाले पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। सी-विजिल पर अब तक 115 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। 1950 हेल्पलाइन पर 3600 कॉल प्राप्त हुए हैं। एमसीएमसी में 237 आवेदन आए। 146 में से 62 उम्मीदवार व उनके 1456 समर्थक सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं। 11 उम्मीदवार एप का भी इस्तेमाल कर रहे हैं। 

"नोटा" हमारे दायरे में नहीं 

एक सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि एक संगठन ने नोटा का बटन दबाने के संबंध में आवेदन किया था। चूंकि नोटा हमारे दायरे में नहीं आता, इसलिए अनुमति देने या आवेदन पर विचार करने का सवाल ही नहीं उठता। 

वोट कर लोकतंत्र को मजबूत बनाएं 

जिलाधीश व जिला चुनाव निर्णय अधिकारी रवींद्र ठाकरे ने विधानसभा चुनाव में सभी वोटरों को वोट करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि वोट करके लोकतंत्र को और मजबूत करें। वोटिंग प्रतिशत में वृद्धि के लिए प्रशासन की तरफ से विविध संगठनों व संस्थाओं को साथ लेकर कई कदम उठाए गए। स्वीप के माध्यम से भी वोटरों में जनजागृति कर वोटिंग करने के लिए प्रोत्साहित किया गया है। विद्यार्थियों के माध्यम से भी जनजागृति  मुहिम चलाई जा रही है। पथनाट्य से भी वोट का महत्व समझाया जा रहा है। उन्होंने पहली बार वोट कर रहे नए वोटरों को वोट करके नए अनुभव का लाभ उठाने का आह्वान किया है। 

ड्यूटी में व्यस्त 3742 कर्मचारी नहीं डाल सकेंगे वोट 

चुनाव ड्यूटी में व्यस्त 2297 कर्मचारियों ने पोस्टल बैलेट के लिए आवेदन नहीं किया। सुविधा केंद्र में 538 कर्मचारियों के पोस्टल बैलेट प्राप्त हुए। अब तक 652 कर्मचारियों के पोस्टल बैलेट प्राप्त हुए हैं। पोस्टल बैलेट ठीक तरह से नहीं भरने से 1445 कर्मचारियों के आवेदन रिजेक्ट हुए। इस तरह अब 3742 कर्मचारी वोट नहीं कर सकेंगे। 

प्रतिनिधि स्ट्रांग रूम के बाहर निवास कर सकते हैं 

ठाकरे ने कहा कि चाहें तो उम्मीदवार के प्रतिनिधि स्ट्रांग रूम के बाहर काउंटिंग शुरू होने तक निवास कर सकते हैं। स्ट्रांग रूम में ईवीएम तीन स्तरीय सुरक्षा घेरे में रहेंगी। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर मध्यप्रदेश के सिवनी व छिंदवाड़ा में शराब बिक्री बंद है। मतगणना के पहले 22 अक्टूबर को  12 अाब्जर्वर बाहर से यहां आने की जानकारी उन्होंने दी। 

300 से ज्यादा लोगों को भेजा गया चालान 

पुलिस आयुक्त डॉ. भूषण कुमार उपाध्याय ने बताया कि चुनाव प्रचार के आखिरी दिन शनिवार को चुनावी रैली में बगैर हेलमेट के वाहन चलानेवाले 300 से ज्यादा लोगों को चालान भेजा गया है। 
 

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।