comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

भृत्य की पत्थर पटककर निर्मम हत्या से सनसनी, संदिग्धों से पूछताछ कर रही पुलिस

भृत्य की पत्थर पटककर निर्मम हत्या से सनसनी, संदिग्धों से पूछताछ कर रही पुलिस


डिजिटल डेस्क छिंदवाड़ा।  तामिया थाना क्षेत्र के ग्राम बटकीढाना में रविवार-सोमवार की दरमियानी रात मकान की परछी में सो रहे तहसील कार्यालय के एक भृत्य की पत्थर पटककर निर्मम हत्या कर दी गई। हत्या के समय मृतक की मां भी परछी में ही सोई थी। मिली जानकारी के अनुसार मृतक मनिराम भारती पिता जगनसी उम्र 36 वर्ष अमरवाड़ा तहसील में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी था। उसका घर तामिया के बटकीढाना में है। रविवार की रात मृतक अपने मकान के सामने बनी परछी में सोया हुआ था। रात लगभग दो बजे किसी ने मृतक के सिर पर पत्थर पटककर उसकी हत्या कर दी। शोर सुनकर मृतक की मां जाग गई थी। तब आरोपी मृतक के सिर पर पत्थर पटक रहा था। घटना की जानकारी तामिया पुलिस को मिलने के बाद पुलिस ने शव बरामद किया है। सुबह शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। पुलिस ने अज्ञात हत्यारे के खिलाफ धारा 302 आईपीसी के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।
पुलिस ने शुरू की पड़ताल, संदेहियों से चल रही पूछताछ-
तहसील कर्मचारी की हत्या के मामले में थाना प्रभारी तामिया कोमल दियावार ने गांव में पड़ताल शुरू की है। पुलिस हत्याकांड के कुछ संदेहियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। हालांकि देर रात पुलिस ने इस मामले का खुलासा होने से इनकार किया है। पुलिस का कहना है कि अंधे हत्याकांड के आरोपी जल्द ही पकड़े जाएंगे।
मकान के अंदर सो रही थी पत्नी और बच्चे-
मृतक का एक पांच साल का बेटा है जो अपनी मां के साथ मकान के अंदर ही सोया था। इनके अलावा मृतक का भाई भाभी और उनके दो बच्चे भी मकान के अंदर सोए थे। मृतक और उसकी मां मकान की परछी में सोए थे। रात दो जब आरोपी वारदात को अंजाम दे रहा था, तब मृतक की मां जाग गई थी, लेकिन वह आरोपी को पहचान पाने से इनकार कर रही है।
गांव के ही एक युवक पर संदेह-
मृतक की अचानक रात में हत्या कर दिए जाने से गांव के ही एक संदेही पर पुलिस की शक की सुई घूम रही है। यह भी आशंका है कि मृतक का अपना ही कोई इस हत्याकांड में शामिल हो सकता है। हत्याकांड किसी प्रेम प्रसंग के चलते भी किए जाने का संदेह पुलिस को है।
इनका कहना है-
शव बरामद कर लिया गया है। हत्या के संबंध में संदिग्धों से पूछताछ चल रही है। जल्द ही आरोपी गिरफ्तार किया जाएगा। पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में जांच आगे बढ़ाई गई है।
कोमल दियावार, थाना प्रभारी तामिया

कमेंट करें
7zuSU
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।