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शिवसेना नेता राऊत ने राहुल के साथ बदसलूकी को बताया लोकतंत्र का गैंगरेप

शिवसेना नेता राऊत ने राहुल के साथ बदसलूकी को बताया लोकतंत्र का गैंगरेप

डिजिटल डेस्क, मुंबई। शिवसेना सांसद संजय राऊत ने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा की गई बदसलूकी को देश के लोकतंत्र पर गैंगरेप बताया है। राऊत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हाथरस में बलात्कार मामले में बयान देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को देश की जनता को विश्वास में लेते हुए सत्य जानकारी देनी चाहिए। राऊत ने कहा कि उत्तर प्रदेश के हाथरस में बलात्कार पीड़िता के परिवार वालों से मिलने जाने से रोकते समय पुलिस ने जिस तरह से राहुल का कॉलर पकड़कर धक्का मारकर गिराया, वह लोकतंत्र पर गैंगरेप जैसा है। इस गैंगरेप की जांच होनी चाहिए। क्या देश में विपक्ष के साथ ऐसा बर्ताव किया जाएगा? कोई सवाल नहीं पूछ सकता है? राऊत ने कहा कि राहुल एक राष्ट्रीय नेता हैं। कांग्रेस के साथ हमारे मतभेद हो सकते हैं। लेकिन राहुल के साथ उत्तर प्रदेश की पुलिस ने जिस तरीके का बर्ताव किया है, उसका समर्थन देश में कोई नहीं कर सकता है। हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि राहुल पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के पोते और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के बेटे हैं। दोनों पूर्व प्रधानमंत्रियों, इंदिरा और राजीव ने देश के लिए शहादत दी है। 

उत्तर प्रदेश पुलिस के पीड़िता के साथ बलात्कार नहीं होने के बयान पर राऊत ने कहा कि यदि कोई कहता है कि उसके साथ कुछ हुआ ही नहीं था, तो पीड़िता ने जो बयान दिया है वह क्या है? पुलिस तथ्यों को छिपा नहीं सकती है। राऊत ने कहा कि पीड़िता के शव पर पेट्रोल छिड़कर उसको जला दिया गया। इसे अंतिम संस्कार नहीं कहा जा सकता है। हिंदुत्ववादी सरकार को वेद और उपनिषद की पोथी पढ़नी चाहिए कि अविवाहित बेटी का अंतिम संस्कार कैसे किया जाता है।  

राऊत ने कहा कि मुंबई में अभिनेत्री कंगना रनौत के अवैध कार्यालय को थोड़ा सा तोड़ दिया, तो देश के सत्ताधारी और पूरा मीडिया जाग उठा। महाराष्ट्र सरकार से ऐसे सवाल पूछे गए कि जैसे आसमान टूट पड़ा हो। लेकिन देश में एक बेटी के साथ बलात्कार और हत्या होती है, उस बारे में कोई सवाल नहीं पूछ सकता है? राऊत ने कहा कि कंगना के समर्थन में खड़े हुए दलित नेता व केंद्रीय सामाजिक न्याय व अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास आठवले और भाजपा के नेता कहां गायब हो गए हैं? इनको खोजने के लिए केंद्र सरकार को एसआईटी गठित करनी चाहिए। राऊत ने कहा कि मीडिया को हाथरस की पीड़िता के परिवार वालों से मिलने से रोका जा रहा है। मीडिया पर हमला हो रहा है। मुझे लगता है कि देश की मीडिया और उसकी स्वतंत्रता पर एक प्रकार से गैंगरेप करने का प्रयास शुरू है। 
 

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।