दैनिक भास्कर हिंदी: मोदी से तुलना पर शिवसेना का पलटवार, कहा- दंगाई नहीं थे छत्रपति शिवाजी महाराज

September 26th, 2018

डिजिटल डेस्क, मुंबई। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तुलना छत्रपति शिवाजी महाराज से करने पर शिवसेना सांसद संजय राऊत ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। राऊत ने मोदी पर परोक्ष हमला करते हुए कहा कि शिवाजी महाराज दंगों की राजनीति नहीं करते थे। देश का प्रधानमंत्री बदल सकता है लेकिन इतिहास नहीं बदला जा सकता।  राऊत ने कहा कि शिवाजी महाराज के राज्य में वास्तव में सर्वधर्म समभाव का पालन होता था। कुछ लोग शिवाजी को धर्म और जाति से जोड़कर उनका कद छोटा करते हैं। राऊत मुंबई मराठी पत्रकार संघ में आयोजित एक पुस्तक विमोचन समारोह में बोल रहे थे। ‘छत्रपति शिवाजी महाराज और मुसलमान’ नाम की यह किताब वरिष्ठ उर्दू पत्रकार व लेखक सईद हमीद ने लिखी है। राऊत ने कहा कि शिवाजी के अंगरक्षक, उनकी थल सेना, जल सेना के प्रमुख मुसलमान थे। इससे साफ है राजाओं की आपसी लड़ाई का धर्म से कोई लेना देना नहीं था। देश को अगर धर्म से जोड़ा जाएगा तो वह हमारे पड़ोसी मुल्क की तरह बर्बाद हो जाएगा। उन्होंने कहा कि शिवाजी महाराज की विचारधारा से ही देश चलेगा। 

नफरत की राजनीति करती है शिवसेना: आजमी 

इस मौके पर समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक अबू आसिम आजमी ने शिवसेना पर नफरत की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सांगली में अफजल खान के पोस्टर लगाए गए। उन्होंने लोगों की भावनाएं भड़काने के लिए पोस्टर लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की तो शिवसेना के लोग इसका विरोध करने लगे। शिवसेना की कथनी और करनी में फर्क है। 

सामाजिक न्याय के पक्षधर थे शिवाजी महाराज: मदनी

समारोह में पहुंचे जमीयत उलेमा ए हिंद के महासचिव महमूद मदनी ने कहा कि शिवाजी महाराज में ही इतना साहस था कि वे खुद से काफी बड़ी सेना रखने वालों से टकरा गए। उन्होंने कभी सामाजिक न्याय के साथ समझौता नहीं किया। शिवाजी महाराज के काल में एक दूसरे के धार्मिक स्थलों और महिलाओं पर हमले नहीं हुए लेकिन अब जब हम ज्यादा सभ्य माने जाते हैं तब ऐसी हरकतें हो रहीं हैं। 

जानबूझ कर बनाया गया मुस्लिम विरोधी: आव्हाड

राकांपा विधायक जितेंद्र अव्हाड ने कहा कि कुछ लोगों ने जानबूझकर शिवाजी महाराज के इतिहास से साथ छेड़छाड़ की और उन्हें मुस्लिम विरोधी करार दिया। कुछ राजनीतिक पार्टियां इसी पर जिंदा हैं लेकिन हम ऐसे लोगों के खिलाफ लड़ते रहेंगे। 

एक दूसरे की खुशियों में हो शामिल: मलिक

राकांपा प्रवक्ता नवाब मलिक ने कहा कि बहुत से लोग समाज में जहर बोने का काम कर रहे हैं लेकिन जरूरी है कि हम एक दूसरे की खुशियों में शरीक हों। मलिक ने कहा कि मैं गणेशोत्सव और नवरात्रि के कार्यक्रमों में जाता हूं लेकिन आरती नहीं करता और टीका नहीं लगाता। इसी तरह ईद पर आए किसी हिंदू भाई से मैं नमाज पढ़ने की भी अपेक्षा नहीं करता हम अपने धर्म को मानते हुए भी एक दूसरे की खुशियों में शामिल हो सकते हैं। किताब के लेखक सईद हमीद ने कहा कि शिवाजी महाराज पर उर्दू में बेहद कम किताबें हैं। शायद यह दूसरी ही किताब है जो उर्दू में लिखी गई है। इस किताब के जरिए हम उनके बारे में मुसलमानों के मन में फैलाई जा रही भ्रांतियों को दूर करना चाहते हैं। इसे राज्यभर में मुहिम की तरह चलाया जाएगा।