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जनता दरबार में शिकायतों की बौछार, एक घंटे में 49 शिकायतें सुनीं

जनता दरबार में शिकायतों की बौछार, एक घंटे में 49 शिकायतें सुनीं

डिजिटल डेस्क, नागपुर। मनपा आयुक्त तुकाराम मुंढे पदभार संभालते ही आम नागरिकों की समस्याओं को प्राथमिकता दी। उन्होंने दूसरे ही दिन जनता दरबार बुलाया। जनता दरबार में शिकायतों की बौछार हुई। एक घंटे में 49 नागरिकों की शिकायतें सुनीं। समयसीमा समाप्त हो जाने से 8-10 नागरिकों को वापस लौटना पड़ा। अधिकांश शिकायतें गड्ढे, अतिक्रमण, सिवरेज लाइन तथा इमारतों के नामकरण व दुरुस्ती के लिए अनुमति से संबंधित रही। प्राप्त शिकायतें संबंधित विभाग के पास निपटारे के लिए भेजी जाएंगी। संबंधित विभाग से तत्थ्यों की जांच-पड़ताल के बाद निर्णय लेने की आयुक्त ने जानकारी दी।

नागरिकों में जागी उम्मीद
आयुक्त ने नागरिकों की समस्या सुनने के लिए रोज शाम 4 से 5 बजे तक जनता दरबार का समय रखा गया है। समय से पहले ही अनेक लोग शिकायतें लेकर आयुक्त कार्यालय पहुंचे। स्वीय सहायक के पास शिकायत रजिस्टर्ड कर नंबर लगाया। समय के पाबंद आयुक्त ने ठीक 4 बजे नागरिकों की शिकायतें सुनना शुरू किया। 5 बजे तक रजिस्टर्ड हुई 49 शिकायतें आयुक्त ने सुनीं। आयुक्त से मिलकर अपनी समस्या सुनाने का अवसर मिलने से नागरिकों में उनकी समस्या सुलझने की उम्मीद जगी है। आयुक्त ने प्राप्त शिकायतों पर रेफर टू कमिश्नर लिखकर संबंधित विभागों को भेज उनकी समस्याओं का समाधान करने का शिकायतकर्ताओं को आश्वस्त किया।

ऐसी थी शिकायतें
प्रिदयर्शिनी नगर में एनआईटी का ले-आउट है। 35 वर्ष पूर्व सिवरेज लाइन डाली गई। ऊपर से लोगों ने अतिक्रमण कर मकान बना लिए।  पुरानी लाइन चोक हो जाने से गंदा पानी घर के सामने जमा हो गया है। इस संबंध में अनेक िशकायतें की गईं। समस्या का समाधान नहीं हुआ। - चंदन नीमजे, नागरिक

वर्धा रोड स्थित साईं मंदिर में 9 दुकानों का अतिक्रमण है। जिला व सत्र न्यायालय ने अतिक्रमण हटाने के आदेश दिए। न्यायालय के आदेश पर जोन कार्यालय ने 1 जनवरी 2020 को 24 घंटे में अतिक्रमण हटाने का नोटिस जारी किया। एक महीना हो गया, अभी तक अतिक्रमण नहीं हटाया गया है। आयुक्त से मिलकर प्रकरण संज्ञान में लाने पर तत्काल कार्रवाई करने का आश्वस्त किया है। -अविनाश शेगांवकर, सचिव, श्री साईं सेवा मंडल

नेहरू नगर में मनपा जोन कार्यालय के पास माता के नाम पुश्तैनी मकान है। मकान जर्जर हो जाने से जान को खतरा बना हुआ है। इसे दुरस्त करने की अनुमति लेने के लिए डेढ़ वर्ष से मनपा कार्यालय के चक्कर काट रहा हूं। अधिकारी, कर्मचारियों का सकारात्मक प्रतिसाद नहीं मिल रहा है। - नत्थूजी बावने, नागरिक

हॉकर्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। सर्वेक्षण में खामियों के चलते अनेक परिवारों का व्यवसाय छीना जा रहा है। इसे रोक लगाने की आयुक्त से गुहार लगाई। आयुक्त ने हॉकर्स नीति के अनुसार कार्रवाई करने का आश्वस्त किया है।
- विनोद तायवाड़े, अध्यक्ष मेडिकल चौक हॉकर्स एसोसिएशन

 

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।