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अर्न एंड लर्न योजना से 200 विद्यार्थियों को मिलेगा काम, पार्ट टाइम काम के लिए मिले 314 फार्म

अर्न एंड लर्न योजना से 200 विद्यार्थियों को मिलेगा काम, पार्ट टाइम काम के लिए मिले 314 फार्म

डिजिटल डेस्क, नागपुर।  राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय को इस वर्ष की "अर्न एंड लर्न' योजना के तहत पार्टटाइम काम के लिए 314 विद्यार्थियों के आवेदन मिले, जिसमें से  यूनिवर्सिटी  ने 200 जरूरतमंद विद्यार्थियों को अपने ही किसी विभाग या संचालित कॉलेज में नियुक्त करने का निर्णय लिया है। पहली सूची में यूनिवर्सिटी ने 155 विद्यार्थियों का चयन किया था। अब दूसरी सूची में यूनिवर्सिटी के विद्यार्थी कल्याण विभाग ने 45 विद्यार्थियों का नाम जारी किया है। इन विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय के 46 शैक्षणिक व प्रशासनिक विभागों में ही नियुक्त किया जाएगा। ये विद्यार्थी पढ़ाई के साथ-साथ ये काम भी करेंगे। विश्वविद्यालय को इस वर्ष करीब 315 विद्यार्थियों के आवेदन प्राप्त हुए थे।

दिन में 3 घंटे कर सकेंगे काम, पार्टटाइम काम करने के काफी इच्छुक
 यूनिवर्सिटी ने ‘अर्न एंड लर्न’ योजना के लिए 21 सितंबर से 26 सितंबर तक आवेदन मंगवाए थे। यह विद्यार्थी एक दिन में करीब 3 घंटे काम कर पाएंगे। इन्हें प्रतिघंटे काम के 50 रुपए मानदेय दिया जाएगा। दरअसल यूनिवर्सिटी  में बड़ी संख्या में आर्थिक रूप से कमजोर तबके के विद्यार्थी भी पढ़ते हैं। उन्हें आर्थिक सहयोग करने की दृष्टि से यह योजना चलाई जाती है। इसके तहत यूनिवर्सिटी कैंपस या संचालित कॉलेज के ही किसी विभाग में विद्यार्थी को पार्टटाइम काम दिया जाता है। इससे विद्यार्थी को पढ़ाई के साथ कुछ आमदनी भी हो जाती है। विश्वविद्यालय के विद्यार्थी कल्याण विभाग ने इस योजना को विस्तार देकर अगले वर्ष से यह योजना कॉलेजों में भी शुरू करने की तैयारी की है। विश्वविद्यालय को मालूम है कि, कॉलेजों में भी कई गरीब बच्चे पढ़ते हैं, जिन्हें इस प्रकार की योजना की जरूरत है। ऐसे में यूनिवर्सिटी  ने इस योजना को कॉलेज स्तर पर ले जाने का निर्णय लिया है। अभी इसकी तैयारी शुरू की गई है, लेकिन इसे लागू करने में वक्त लगेगा। संभव है, शैक्षणिक सत्र 2021-22 में कॉलेज स्तर पर अर्न एंड लर्न योजना शुरू होगी।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।