गणतंत्र दिवस पर दिखा था जलवा: नागपुर के कलाकारों ने तैयार की थी महाराष्ट्र की झांकी

February 6th, 2022

डिजिटल डेस्क, नागपुर। दिल्ली में गणतंत्र दिवस पर इस साल महाराष्ट्र राज्य की तरफ से जैव-विविधता पर आधारित झांकी प्रस्तुत की गई थी। इसे नागपुर व विदर्भ के कलाकारों ने तैयार किया था। यह लगातार दूसरा साल रहा, जब नागपुर के कलाकारों की संकल्पना व मेहनत से गणतंत्र दिवस की परेड के लिए झांकी तैयार की गई। परेड के लिए रक्षा मंत्रालय की तरफ से स्वतंत्रता आंदोलन, देश में हुई प्रगति, भविष्य की संकल्पना व भविष्य का लक्ष्य ऐसे विषय दिये गए थे। इसके लिए 25 कला संस्थानों ने अपने प्रस्ताव राज्य के कला संचालनालय को दिये थे। कला संचालक विभीषण चवरे ने नागपुर के कलाकारों द्वारा की गई संकल्पना को मंजूरी दी गई। इसके बाद तीन महीने तक अनुसंधान व 20 दिन तक प्रत्यक्ष काम कर जैव-विविधता पर आधारित झांकी तैयार की गई। 

45 कलाकारों ने तैयार की झांकी

नागपुर के एक कला संस्थान के मालिक नरेश चरड़े, पंकज इंगले, आर्ट डायरेक्टर रोशन इंगाेले, तुषार प्रधान आदि ने राज्य के कला संचालनालय को अपनी संकल्पना पर आधारित झांकी निर्माण के लिए प्रस्ताव दिया था। यह संकल्पना राज्य की जैव-विविधता पर आधारित थी। इसमें राज्य के पशु-पक्षी व वनस्पतियों को शामिल किया गया था। कला संचालक विभीषण चवरे और टीम ने नागपुर के युवाओं की संकल्पना और प्रस्ताव को मंजूरी दी। इसके बाद युवाओं की टीम ने तीन महीने तक जैव-विविधता पर अध्ययन कर जानकारी जुटाई, जिसमें पशु-पक्षी व वनस्पतियों का समावेश था। सारी जानकारी जुटाने के बाद झांकी का निर्माण, उसके स्वचालन, प्रस्तुति, गीत आदि का संयोजन किया गया। यवतमाल के कलाकार अनिल मानेकर ने झांकी के लिए विविध पशु-पक्षियों की प्रतिमाएं तैयार की। राजेश टेंभारे और अंकुश टेंभारे ने इसका तकनीकी हिस्सा संभालने की जिम्मेदारी निभाई। क्राफ्टिंग वर्क का काम श्रीकांत बोंगाडे ने किया । इसका फैब्रिकेशन व अंतिम स्वरुप देने का काम दिल्ली में किया गया। पेंटिंग का काम कृष्णा सातवलकर ने किया। इस तरह नागपुर व विदर्भ के मिलाकर 45 से अधिक लोगों ने मिलकर झांकी को जीवंत करने का काम किया। 

यह थी झांकी की विशेषता

इस झांकी में विलुप्त होनेवाली पशु-पक्षियों व वनस्पतियों की प्रजातियों को शामिल किया गया था। वहीं नई प्रजातियों को शामिल किया गया था। साथ ही पर्यावरण सुरक्षा के लिए जागरूकता का संदेश दिया गया। जिन लोगों ने झांकी का काम किया है, उनमें से अधिकतर चित्रकला महाविद्यालय नागपुर के पूर्व विद्यार्थी हैं। झांकी में छह फ्लेमिंगो, बाघ, लाल केकड़े, मालढोक पक्षी, गिरगिट, जरुल व ताम्हुल फूल, शिष्टुरा हिरण्यकेशी मछली, समेत अन्य पशु-पक्षी व वनस्पतियों को दिखाया गया। यह झांकी 45 फीट लंबी,14 फीट चौड़ी और 15 फीट ऊंची थी। पिछले साल भी नागपुर व विदर्भ के लोगों ने मिलकर गणतंत्र दिवस के लिए झांकी तैयार की थी। इस झांकी में राज्य की वारकरी परंपरा और संत तुकाराम महाराज के साथ छत्रपति शिवाजी महाराज की झांकी प्रस्तुत की गई थी, जिसे सरकार ने पुरस्कृत किया था।